योगी सरकार में नए डीजीपी नियुक्त हुए सुलखान सिंह के पैतृक घर की फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. गौरतलब है कि 1980 बैच के सुलखान सिंह ने जाविद अहमद की जगह ली है. सुलखान सिंह आज भी तीन कमरे के घर में रहते हैं.
सोशल मीडिया में इस फोटो को फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग में काम कर चुके सुलखान सिंह के दोस्त नृपेंद्र सिंह ने पोस्ट की है.सुल्खान मूलतः यूपी के बांदा के रहने वाले हैं. उन्होंने आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग की है.
इसके बाद इन्होंने दिल्ली से एमटेक किया और फिर रेलवे में इंजीनियर के पद पर कुछ समय तक सेवाएं दीं. साथ ही वह सिविल सेवा की भी तैयारी करते रहे. इसके अलावा उनके पास लॉ की डिग्री भी है.
1980 में पहले प्रयास में ही उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस के लिए हो गया. तब से आज तक उनकी छवि एक तेज-तर्रार और बेहद ईमानदार पुलिस अधिकारी के रूप में रही है. लोग उन्हें बिना वर्दी वाला योगी भी कहते हैं.
इतना ही नहीं वह जनता के बीच भी काफी लोकप्रीय रहे हैं. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब उनका आगरा से मेरठ ट्रांसफर किया गया तो कई चौराहों पर उन्हें विदाई दी गई थी.
वहीं जब वह आगरा में बतौर एसपी सिटी थे तब क्राइम का ग्राफ काफी गिरा गया था. डीजीपी की पोस्ट संभालने से पहले वह पिछले दो सालों से डीजीपी ट्रेनिंग के पद पर तैनात थे.
सुलखान सिंह उस कमेटी के मेंबर थे जिन्होंने मुलायम सरकार में हुए पुलिस भर्ती घोटाले का सच उजागर किया था. यह कमेटी पैसे लेकर जाति विशेष की भर्ती की शिकायत पर मायावती सरकार ने जांच बिठाई थी.
इस कमेटी की सिफारिशों पर कई पुलिस अफसर सस्पेंड हुए थे. हालांकि जब अखिलेश सरकार की वापसी के बाद सुलखान का ट्रांसफर कर दिया गया.
सुलखान सिंह की संपत्ती की बात करें तो लखनऊ स्थित अलकनंदा अपार्टमेंट में उनका तीन कमरों का घर है. इस घर को उन्होंने लखनऊ डेवलपमेंट अथारिटी से किस्तों में लिया था.
वही अचल संपत्तियों के नाम पर उनके पास घर के अलावा 2.3 एकड़ की खेती की जमीन है. ये उन्होंने बांदा के जोहरपुर गाँव में 40 हजार रुपयों में खरीदी थी.