चंद्रयान-2 मिशन के बाद इसरो (ISRO) और भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) गगनयान (Gaganyaan) मिशन की तैयारी में जुट गए हैं. इस मिशन के जरिए इसरो पहली बार इंसान को अंतरिक्ष में भेजेगा. आइए, जानते हैं गगनयान मिशन के बारे में, क्यों ये मिशन है खास.
फोटो: चंद्रयान मिशन 2 की तस्वीर (सभी तस्वीरें सांकेतिक)
गगनयान (Gaganyaan) भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है. इस मिशन में पहली बार ISRO तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में सात दिन की यात्रा के लिए भेजेगा.
फोटो: चंद्रयान मिशन 2 की तस्वीर
भारत के स्पेस मिशन गगनयान के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के सेलेक्शन का पहला चरण पूरा कर लिया गया है. यह प्रोसेस इंस्टिट्यूट ऑफ एयरस्पेस मेडिसिन में भारतीय वायुसेना कर रही है.
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आपको बता दें, भारतीय वायुसेना ने इसके लिए 10 टेस्ट पायलटों का चयन कर लिया है. भारतीय वायुसेना ने भारतीय अंतरिक्षयात्रियों के चयन का पहला चरण पूरा कर लिया है. अब इन 10 पायलटों में से गगनयान मिशन के लिए अंतिम चरण में तीन पायलटों को चुना जाएगा.
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बता दें, गगनयान के अंतर्गत इसरो 2022 तक अंतरिक्ष यात्रियों को भेजेगा और उन्हें वहां से वापस लेकर आएगा. इस मिशन पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. अंतरिक्ष यात्री जहां वे विभिन्न प्रकार के माइक्रो-ग्रैविटी टेस्ट को अंजाम देंगे.
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आपको बता दें, देश के पहले अंतरिक्षयात्री राकेश शर्मा हैं. जो 2 अप्रैल 1984 को रूस के सोयूज टी-11 में बैठकर अंतरिक्ष यात्रा पर गए थे. राकेश शर्मा भी भारतीय वायुसेना के ही पायलट थे. वहीं अंतरिक्ष में जाने वाले पहले इंसान यूरी गागरिन थे, जो वर्ष 1961 में अंतरिक्ष में गए थे. जबकि अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला होने का रिकॉर्ड रूस की वेलेन्टिना तरेश्कोवा (16 जून 1963) के नाम दर्ज है. अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव कल्पना चावला को मिला जिन्हें 1997 में अंतरिक्ष में जाने का मौका मिला.
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