कानपुर में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में एनआरसी और सीएए का मुद्दा उठा. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के 27वें अधिवेशन में कुल 11 प्रस्ताव पास हुए। प्रस्ताव में कहा गया कि कॉमन सिविल कोड को पूरे देश में लागू नहीं किया जा सकता क्योंकि सभी धर्मों को संविधान के अंतर्गत धार्मिक आजादी दी गई है. धार्मिक हिंसा के खिलाफ कड़े कानून की मांग की गई. साथ ही पैग़ंबरे इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई. एनआरसी और सीएए बिल को वापस लेने की भी मांग की गई. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.
The All India Muslim Personal Law Board (AIMPLB) on Sunday said the Uniform Civil Code (UCC) is neither suitable nor useful for a vast multi-religious country like India.