सुप्रीम कोर्ट में क्रीमी लेयर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान अनुसूचित जाति और जनजाति को आरक्षण में आर्थिक आधार पर प्राथमिकता देने का सुझाव आया हैय एडवोकेट रीना एम सिंह ने बताया कि इस सुनवाई में यह विचार रखा गया कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से इसकी अधिक आवश्यकता है. इस प्रस्ताव ने आरक्षण नीति की दिशा में नई बहस को जन्म दिया है और सामाजिक न्याय की बेहतर उपलब्धि के लिए अधिकारियों को सोचने पर मजबूर किया है.