कोलकाता में राशन घोटाले को लेकर निरंजन चंद्र साहा के बर्धमान समेत 9 ठिकानों पर ED ने छापेमारी की. जांच में पता चला है कि आरोपियों ने सरकारी गेहूं की हेरा-फेरी कर गरीबों के लिए आने वाले राशन को कम दामों पर खरीदा और अवैध तरीके से खुले बाजारों में बेचा गया.