प्रसिद्ध ऑडियो स्टोरीटेलर और लेखक नीलेश मिश्रा ने इंडिगो एयरलाइंस पर उनकी 10 वर्षीय बेटी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. उनकी बेटी वैदेही मिश्रा लखनऊ से गोवा तक अकेले, अनअकंपनिड माइनर (UMNR) के रूप में यात्रा कर रही थी. नीलेश मिश्रा का यह आरोप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो गया, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली.
“क्या तुम्हारी आंखें नहीं हैं”
नीलेश मिश्रा ने अपने पोस्ट में दावा किया कि इंडिगो की एक फ्लाइट अटेंडेंट ने उनकी बेटी के साथ रूखा और अपमानजनक व्यवहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाफ ने उनकी बेटी को “नखरे खाने वाली” कहा और उससे यह भी कहा गया, “क्या तुम्हारी आंखें नहीं हैं? जाओ, जाओ खाना खाओ! जाओ और अपनी फ्लाइट मिस कर दो!”
10 साल की बेटी कर रही थी सफर
मिश्रा ने पोस्ट में लिखा कि यह और इस तरह की कई अन्य बातें इंडिगो की स्टाफ सदस्य (जिसे उन्होंने लराइब बताया) ने उनकी 10 साल की बेटी से कहीं, जो अकेले यात्रा कर रही थी. उन्होंने कहा कि वयस्क यात्रियों के प्रति इंडिगो के रवैये के बारे में तो लोग जानते ही हैं, लेकिन आज उन्होंने वही रवैया एक बच्चे के प्रति भी देखा. मिश्रा ने बताया कि उन्होंने संबंधित स्टाफ से फोन पर बात की, लेकिन इसके बावजूद उसका रवैया नहीं बदला. उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एयर सेवा (AirSewa) X अकाउंट को टैग करते हुए नाराजगी जताई.
इंडिगो ने दी सफाई
मामला सामने आने के बाद इंडिगो एयरलाइंस ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. एयरलाइन ने कहा कि उन्होंने नीलेश मिश्रा से फोन पर बात की है और इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से जांचा जा रहा है. इंडिगो ने उनके धैर्य और सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया.
बाद में इंडिगो ने आंतरिक जांच के बाद एक विस्तृत बयान जारी किया. एयरलाइन का कहना है कि नीलेश मिश्रा की बेटी की पूरी यात्रा के दौरान देखभाल की गई और स्टाफ का व्यवहार हर स्तर पर शालीन, सहयोगी और संवेदनशील रहा. इंडिगो ने दावा किया कि अनअकंपनिड माइनर प्रोटोकॉल के तहत बच्ची की हर चरण में लगातार निगरानी की गई.
एयरलाइन ने क्या कहा?
एयरलाइन ने यह भी कहा कि उड़ान के समय के करीब बच्ची ने कुछ फूड आउटलेट्स पर जाने की इच्छा जताई थी. सीमित समय के बावजूद स्टाफ ने धैर्यपूर्वक उसका साथ दिया, सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट किया और यह सुनिश्चित किया कि वह समय पर फ्लाइट में सवार हो सके.
इस बीच, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस घटना पर चिंता जताई है. कई लोगों ने कथित व्यवहार को “चौंकाने वाला” और “बेहद गलत” बताया. एक पूर्व फ्लाइट अटेंडेंट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अनअकंपनिड माइनर, खासकर अकेली यात्रा कर रही बच्चियों का विशेष ध्यान रखा जाता है और ऐसा व्यवहार बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि इस तरह का व्यवहार अकेले यात्रा कर रहे बच्चे को मानसिक रूप से आहत कर सकता है.
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