भारतीय कुश्ती संघ और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को महीनों हो गए. पॉक्सो के तहत केस भी दर्ज हो गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. गृह मंत्री अमित शाह से पहलवानों की बात हो चुकी है, लेकिन सहमति न बन सकी. आंदोलन जारी रहा. अब एक और पहल आज खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने की. उन्होंने पहलवानों से मीटिंग की. बैठक में जाने से पहले रेसलर साक्षी मलिक ने आजतक को बताया कि वो तीन मांगें खेल मंत्री के सामने रखने वाले हैं. तो वो कौन कौन सी मांगे थीं जो पहलवानों ने खेल मंत्री के सामने रखीं और उनकी तरफ से क्या आश्वासन दिए गए.
अब एक ओर जब पहलवानों की खेल मंत्री के साथ बैठक चल रही थी तो दिल्ली से 150 कि.मी दूर हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भी एक बैठकी चल रही थी लेकिन जम्मू-दिल्ली नेशनल हाईवे पर. किसानों सूरजमुखी के बीज पर MSP की मांग कर रहे थे और इसी को लेकर उन्होंने हाईवे जाम कर रखा था. आवाजाही में दिक्कत देख पुलिस ने चेतावनी जारी की. भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने ये प्रदर्शन बुलाया था. सोमवार को भी प्रदर्शनकारी किसानों को हाईवे तक पहुंचने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी. किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर सरकार का यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में वो MSP पर एक बड़ा आंदोलन करेंगे. इस मसले पर सियासत भी तेज है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा की.अब किसानों ने हाईवे खाली कर दी है, लेकिन कुछ शर्तों पर, वो शर्ते कौन सी हैं, इसपर बात करेंगे, लेकिन पहले सवाल ये कि सूरजमुखी की बीज पर MSP की मांग क्यों हो रही है? सुनिए दिन भर में .
महाराष्ट्र का एक शहर है, कोल्हापुर. यहां दो समुदायों के बीच वाट्सअप स्टेटस पर बवाल हो गया. स्टेटस मुगल शासक औरंगजेब को लेकर था. कई वॉट्सऐप ग्रुप में औरंगजेब की तारीफ में कुछ लोगों ने एक पोस्ट वायरल किया था. इसके विरोध में हिंदू संगठन के हज़ारों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे. पुलिस जबतक स्थिति कंट्रोल कर पाती तब तक दोनों समुदाय आपस में भिड़ चुके थे. दोनों तरफ से जमकर पथ्थरबाज़ी हुई. इस दौरान कई लोग चोटिल हुए और फिर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस प्रकरण के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान भी आया. वहीं एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने कहा कि राज्य में शांति स्थापित करना सरकार की जिम्मेदारी है जिसमे वो नाकाम दिखती है. फिलहाल घटना की जांच की जा रही है और इलाके में 19 जून तक धारा 144 लागू कर दी गई है. इससे पहले अहमदनगर में एक जुलूस के दौरान औरंगजेब को पोस्टर लहराए गए थे. जिसके खिलाफ एक्शन लेते हुए पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसमे एक नाम AIMIM नेता का भी है. तो ये पूरा प्रकरण क्या है, कैसे इसे हवा मिली? सुनिए दिन भर में .
और आज तनावपूर्ण स्थिति केवल कोल्हापुर में नहीं बल्कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी शहर में भी है. मुस्लिम व्यापारियों के लिए हिंदू संगठन ‘देवभूमि रक्षा अभियान’ ने पोस्टर लगाए गए हैं. उन्हें 15 जून तक दुकानें खाली करने की धमकी दी गई है. पिछले महीने मुस्लिम समुदाय के युवक सहित दो लोगों ने एक 14 साल की हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया था. मामले ने जब तूल पकड़ा तो आनन-फानन में पुलिस ने उबेद खान जो कि एक स्थानीय दुकानदार है और जितेंदर सैनी जो कि मैकेनिक है उसे गिरफ्तार कर लिया. स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि ये मामला ‘लव जिहाद’ का है. 15 जून को ‘देवभूमि रक्षा अभियान’ संगठन ने एक महापंचायत का भी ऐलान किया है जो लॉ एंड ऑर्डर के लिए बड़ा चैलेंज़ बन सकती है. इन सबके साथ साथ डेमोग्राफिक बदलाव करने का भी आरोप हिंदू संगठन ने लगाया जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी बात भी रखी. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुरोला मुख्य बाजार में करीब 650-700 दुकानें हैं और इनमें से करीब 30-40 दुकानें मुस्लिम चलाते हैं. सोमवार को मुस्लिम परिवारों ने पुरोला एसडीएम को एक ज्ञापन भीं सौंपा सुरक्षा देने की अपील की ताकि वो अपनी दुकानें खोल सकें. उन्होंने कहा है कि अगर उनके साथ कुछ हुआ तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा. तो इस पूरी कहानी को तफ्सील से सुनिए ‘दिन भर’ में.
सूरज कुमार