क्या है हज में वीआईपी कोटा जिसे मोदी सरकार ने खत्म कर दिया? 2012 में हुई थी शुरुआत

साल 2012 में यह वीआईपी कोटा लागू किया गया था, जिसके लिए 500 सीटें तय की गई थीं.  इस कोटे के तहत राष्ट्रपति के पास सौ हज यात्रियों का कोटा होता था। वहीं, प्रधानमंत्री के पास 75, उप राष्ट्रपति के पास 75 और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के पास 50 का कोटा होता था. इसके अलावा हज कमेटी के सदस्यों/ पदाधिकारियों के पास 200 हज यात्रियों का कोटा होता था. लेकिन नई हज नीति के मसौदे में अब इसे खत्म किया जा रहा है.  

Advertisement
हज हज

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

मुस्लिम समाज के तीर्थ स्थल हज पर जाने के लिए सरकार की ओर से मिलने वाले वीआईपी कोटे को अब खत्म किया जा रहा है. दरअसल पहले हज पर जाने को लेकर कुछ आरक्षित सीटें हुआ करती थीं. लेकिन इस कदम के बाद हज जाने वाले सभी लोग आम यात्रियों की तरह ही यात्रा करेंगे. किसी भी यात्री को कोई खास वीआई कल्चर नहीं मिलेगा. यहां हम आपको बता रहे हैं कि पहले से लागू ये वीआईपी कोटा आखिर था क्या?

Advertisement

क्या है हज का वीआईपी कोटा?

साल 2012 में यह वीआईपी कोटा लागू किया गया था, जिसके लिए 500 सीटें तय की गई थीं.  इस कोटे के तहत राष्ट्रपति के पास सौ हज यात्रियों का कोटा होता था। वहीं, प्रधानमंत्री के पास 75, उप राष्ट्रपति के पास 75 और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के पास 50 का कोटा होता था. इसके अलावा हज कमेटी के सदस्यों/ पदाधिकारियों के पास 200 हज यात्रियों का कोटा होता था. लेकिन नई हज नीति के मसौदे में अब इसे खत्म किया जा रहा है.  

हज यात्रियों की संख्या पर से प्रतिबंध हटा

इधर साउदी अरब ने भी हाल ही में तीन साल से हज करने वालों की संख्या पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था. सऊदी अरब के इस फैसले के बाद जितनी तादाद में कोरोना माहमारी से पहले जायरीन हज करते थे, अब वो उतनी ही संख्या में हज के लिए जा सकेंगे. इसके अलावा सरकार ने आयु सीमा के प्रतिबंध को भी हटाने का ऐलान किया था.

Advertisement

कोरोना के चलते लगे थे प्रतिबंध

कोरोना से पहले साल 2019 में लगभग 25 लाख लोग हज पर गए थे. लेकिन महामारी के कारण उसके बाद के दो सालों में जायरीनों की संख्या में भारी कमी देखने को मिली थी. सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री तौफीक अल राबियाह ने रियाद में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था कि सऊदी अरब इस साल हज यात्रियों की संख्या को सीमित नहीं करेगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि महामारी के पहले की तरह ही जायरीनों को बिना किसी उम्र सीमा के साथ हज करने की अनुमति होगी. इससे पहले जायरीनों की अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष निर्धारित थी.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement