वैष्णो देवी: हादसे के बाद भी उमड़े श्रद्धालु, 12 मौतों के बाद दिन में 27 हजार लोगों ने किए दर्शन

जम्मू कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर में शनिवार की सुबह भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. इसके बावजूद माता वैष्णो देवी यात्रा सुचारू रूप से चल रही है. करीब 27,000 तीर्थयात्रियों ने दिन के दौरान गुफा में पूजा-अर्चना की.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST
  • वैष्णो देवी में हादसे के बाद भी उमड़े श्रद्धालु
  • 27 हजार लोगों ने किए दर्शन

जम्मू कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर में शनिवार की सुबह भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. इसके बावजूद माता वैष्णो देवी यात्रा सुचारू रूप से चल रही है. करीब 27,000 तीर्थयात्रियों ने दिन के दौरान गुफा में पूजा-अर्चना की. सरकार के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा भगदड़ के बाद, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम द्वारा तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया था. "  प्रवक्ता ने कहा, "यात्रा सुचारू रूप से जारी है, लगभग 27,000 तीर्थयात्रियों ने शनिवार को पवित्र मंदिर में दर्शन किए."

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उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जो श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, सुबह से ही पूरी स्थिति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, काकरयाल का भी दौरा किया और घायल तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनसे बातचीत की . उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि सरकार द्वारा पहले से घोषित मृतकों के लिए 10 लाख रुपये और घायलों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, कानूनी वारिसों के पक्ष में प्राथमिकता से परेशानी मुक्त तरीके से जारी की जानी चाहिए.

इस बीच, घटना की जांच के लिए गठित जांच समिति के सदस्यों ने भवन में घटना स्थल का दौरा किया और मामले का जायजा लिया. प्रवक्ता ने बताया कि अधिकारियों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसएमवीडीएसबी, उपायुक्त रियासी, एसपी कटरा, कमांडिंग ऑफिसर सीआरपीएफ, अनुमंडल दंडाधिकारी भवन और अन्य अधिकारियों से बातचीत की और वीडियो फुटेज की भी जांच की. उन्होंने कहा कि समिति ने उल्लेख किया है कि और डीटेल मांगा जा रहा है जिसके बाद कोई निर्णायक निष्कर्ष निकाला जा सकता है.

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प्रवक्ता ने कहा- हालांकि, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ तीर्थयात्रियों के बीच किसी प्रकार की मामूली हाथापाई के कारण गेट नंबर 3 के पास भगदड़ मच गई. उन्होंने त्वरित कार्रवाई और स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाने के लिए एडीजीपी और संभागीय आयुक्त ने श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ की फील्ड टीमों के प्रयासों की सराहना की, जो भवन क्षेत्र की निगरानी कर रहे थे.

 

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