केरलम (पहले का केरल) के त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोडे में स्थित पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट के बाद जिला प्रशासन ने बुधवार को राहत और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की. जिला कलेक्टर शिखा सुरेंद्रन ने बताया कि घटनास्थल से नौ शव, 32 बॉडी पार्ट्स और कुछ सॉफ्ट टिशू बरामद किए गए हैं. प्रशासन ने कहा कि बरामद अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं और रिपोर्ट तीन से चार दिनों में आने की उम्मीद है.
इससे पहले सुबह केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया था कि 26 शरीर के अंग बरामद किए गए हैं और डीएनए परीक्षण के बाद मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हुए इस हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत की आशंका जताई गई थी. जिला कलेक्टर ने बताया कि चार लोग अभी भी लापता हैं और कंट्रोल रूम में प्राप्त सूचनाओं के मिलान के बाद संख्या बढ़ सकती है.
कलेक्टर ने यह भी बताया कि हादसे के बाद 10 लोग सुरक्षित अपने घर पहुंच गए हैं. घायलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 11 लोग त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर है और दो मरीज 90 प्रतिशत से अधिक झुलसने के कारण वेंटिलेटर पर हैं.
डीएनए जांच और पहचान की चुनौती
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के विशेषज्ञ शवों और शरीर के अंगों के नमूने डीएनए परीक्षण के लिए एकत्र करेंगे. उन्होंने कहा कि कई शव और शरीर के अंग बुरी तरह जल चुके हैं, इसलिए पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है. सरकार ने हादसे से बचे लोगों को मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध कराई है.
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि विस्फोट के समय यूनिट में मौजूद लोगों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है. कुछ दावों के अनुसार वहां लगभग 40 मजदूर मौजूद थे, हालांकि उनमें से कुछ लोग दिन में पहले ही घर लौट चुके थे. प्रशासन ने कहा कि सही संख्या तय करने में अभी और समय लगेगा. मंत्री के अनुसार, रात 2 बजे तक पांच पोस्टमार्टम किए जा चुके थे और तीन शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया.
लापता लोगों की तलाश और कंट्रोल रूम जारी
जिला प्रशासन ने लापता लोगों के परिजनों से अपील की है कि वे कंट्रोल रूम से संपर्क करें और जानकारी साझा करें. कलेक्टर ने कहा कि यदि हादसे से पहले कोई मजदूर वहां से चला गया हो, तो वह भी कंट्रोल रूम को सूचना दे ताकि मृतकों और लापता लोगों की सही संख्या का मिलान किया जा सके.
बताया गया कि विस्फोट मंगलवार को करीब 3:30 बजे हुआ था. स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में रुक-रुक कर धमाके होते रहे, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बाधा आई.
मंदिर के लिए बन रहे थे पटाखे
प्रशासन के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब आगामी उत्सव के लिए पटाखे तैयार किए जा रहे थे. पटाखा निर्माण कई अस्थायी शेड में किया जा रहा था, जो धान के खेतों के बीच स्थित एक अलग-थलग इलाके में बनाए गए थे. हादसे के बाद सर्च ऑपरेशन लगभग पूरा हो चुका है और मौके पर मौजूद बिना फटे पटाखों को सुरक्षित करने के कदम उठाए जा रहे हैं.
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