तमिलनाडु स्थित शिवगंगा के मानामदुराई में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक आकाश डेलिसन की मौत हो गई, जिसके बाद मृतक के परिवार ने पुलिस पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. परिवार का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर उनके बेटे की हत्या की और ये सब जातिगत भेदभाव के कारण हुआ. आकाश के पिता कन्नन ने शव लेने से इनकार कर दिया है और न्याय की मांग की है.
दरअसल, शिवगंगा जिले की मानामदुराई पुलिस ने शनिवार रात सियोन नगर में दो पक्षों के बीच झड़प हुई, जिसमें जयकुमार और अलागर नामक दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. सीसीटीवी फुटेज में दो मोटरसाइकिल सवार युवकों को हथियार लेकर लोगों का पीछा करते हुए दिखाया गया था. इस आधार पर पुलिस ने आकाश डेलिसन और गुना नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया था.
पुलिस के अनुसार, आकाश डेलिसन पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में घायल हो गया और उसका पैर टूट गया. उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, उसकी हालत बिगड़ने पर उसे मदुरै के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
पिता ने खारिज की पुलिस की थ्योरी
वहीं, बेटे की मौत के बाद आकाश के पिता कन्नन ने पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे हत्या करार दिया है. उन्होंने कहा कि उनका बेटा दलित बस्ती (कोलोनी) से था, इसलिए पुलिस ने उसे निशाना बनाया.
कन्नन का आरोप है कि पुलिस ने आकाश का पैर दो पत्थरों के बीच रखकर जानबूझकर तोड़ा था. उन्होंने सवाल उठाया कि उनका बेटा पुल से क्यों कूदेगा? आकाश ने अपनी मां को बताया था कि पैर तोड़े जाने के बाद उसे नहीं पता कि क्या हुआ। पिता ने स्पष्ट किया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे शव स्वीकार नहीं करेंगे.
'ये सब जाति की वजह से हुआ'
वहीं, आकाश डेलिसन के पिता कन्नन ने अपने बेटे की मौत के लिए पुलिस को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा, 'ये सब पुलिस और जाति की वजह से हुआ है. मैं अपने बेटे का शव स्वीकार नहीं करूंगा. वह मेरा इकलौता बेटा था, अगर उसने कोई अपराध किया होता तो मुझे उसे फांसी दिए जाने से कोई आपत्ति नहीं होती.
'पत्थरों में फंसा कर तोड़े पैर'
उन्होंने दावा करते हुए कहा, 'आकाश ने अपनी मां को बताया कि पुलिस ने उसका पैर दो पत्थरों के बीच रखकर तोड़ दिया, जिसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला.
उन्होंने पुलिस से सवाल करते हुए कहा कि उसका पैर क्यों तोड़ा? ये सब इसलिए हुआ, क्योंकि हम दलित बस्ती से हैं. पुलिस ने जानबूझकर ऐसा किया.
आकाश के पिता ने पुलिस की पुल से कूदने वाली थ्योरी पर सवाल करते हुए कहा, 'पुल से कूदने की बात सरासर झूठ है. वह पुल से क्यों कूदेगा?'
प्रमोद माधव