'सुप्रीम कोर्ट ने वही किया, जिसकी उम्मीद थी...', UGC नियमों पर रोक के बाद क्या बोल रहे हैं नेता

यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है. टीएमसी से लेकर सपा और बीजेपी तक, सभी दलों के नेताओं ने कहा है कि कोर्ट ने वही किया, जिसकी उम्मीद थी.

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UGC के नए नियमों पर रोक का नेताओं ने किया स्वागत UGC के नए नियमों पर रोक का नेताओं ने किया स्वागत

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का राजनीतिक दलों के नेताओं ने स्वागत किया है. पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी से लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे तक, लगभग सभी दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए यही कहा कि कोर्ट ने वही किया, जिसकी उम्मीद थी.

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झारखंड के गोड्डा से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि यूजीसी पर गाली देने वाले सभी ज्ञानी, पिछले दो दिन से संसद जा रहा हूं. किसी भी राजनीतिक दल के किसी सदस्य ने इस विषय पर चर्चा तक करना मुनासिब नहीं समझा.

उन्होंने कहा कि उल्टा जिस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर गरीब की सुध ली,उसी को गाली. निशिकांत दुबे ने आगे कहा- मैं दोबारा आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं, पीएम मोदी पर भरोसा रखिए. निशिकांत दुबे ने कहा कि संविधान की धारा 14 एवं 15 के तहत ही देश के कानून चलेंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने वही किया, जो मैंने कहा था.

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बीजेपी सांसद करन भूषण सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया है कि ये फैसला समाज में एकता लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

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शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे ट्रोल किया गया, गालियां दी गईं और मेरे उपनाम का इस्तेमाल कर मेरे खिलाफ अपमानजनक शब्द कहे गए. उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए UGC के उन दिशानिर्देशों पर रोक लगाई, जो अस्पष्ट, मनमाने और कैंपसों में अधिक भेदभाव पैदा करने की कोशिश थे.

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प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत सरकार ने हस्तक्षेप कर यूजीसी की इन गाइडलाइंस को वापस लेने की अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से छोड़ दी थी. उन्होंने कहा कि इससे अब यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि सरकार को लोगों के विरोध-प्रदर्शन की न तो परवाह है, ना ही उसका सम्मान. प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि जो लोग इस पर चुप रहे, समय उनका भी फैसला करेगा.

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टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट से यही उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का काम है कि गलत काम हो रहा है, तो उसे रोकना. हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी सुप्रीम फैसले का स्वागत किया.

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