नई दिल्ली के लग्जरी होटल ITC मौर्या के सैलून में खराब हेयरकट के कारण शुरू हुआ विवाद अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर कमीशन (NCDRC) की ओर से मॉडल आशना रॉय को दिए गए 2 करोड़ रुपये के मुआवजे को अत्यधिक बताते हुए उसे घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया है.
अप्रैल 2018 में मैनेजमेंट प्रोफेशनल आशना रॉय ITC मौर्या के सैलून गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाइलिस्ट ने उनकी मर्जी के खिलाफ बाल बहुत छोटे काट दिए. रॉय ने आरोप लगाया कि स्टाइलिस्ट ने उनके बाल मांगे गए बाल से बहुत छोटे काट दिए, जिससे उन्हें काफी मेंटल ट्रॉमा हुआ और अच्छे मॉडलिंग असाइनमेंट तथा करियर के मौके भी चले गए.
NCDRC ने दो बार 2 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का आदेश सुनाया, जिसे ITC लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस राजेश बिंदल और मनमोहन की बेंच ने 6 फरवरी को दिए अपने फैसले में कहा कि सर्विस में कमी साबित होने के बावजूद, कंज्यूमर विवादों में मुआवजा मजबूत सबूतों पर आधारित होना चाहिए, न कि शिकायत करने वाले के सिर्फ पूछने या अपनी मर्जी पर.
आशना रॉय ने नुकसान साबित करने के लिए केवल दस्तावेजों की फोटोकॉपी पेश की थीं. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ फोटोकॉपी के आधार पर 2 करोड़ रुपए जैसा बड़ा हर्जाना सही नहीं है.
कंज्यूमर कमीशन का यह तर्क कि "ट्रॉमा के कारण महिला ने ओरिजिनल कागज खो दिए होंगे", सुप्रीम कोर्ट को रास नहीं आया. कोर्ट ने इसे मुआवजे का आधार मानने से इनकार कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "मुआवजा थंब रूल से नहीं दिया जा सकता. यह साबित करना जरूरी है कि सेवा में कमी के कारण वास्तव में कितना अर्थिक नुकसान हुआ."
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