'राज्यों का अधिकार छीना नहीं जा सकता...', सुप्रीम कोर्ट ने इंडस्ट्रियल अल्कोहल पर पलटा 34 साल पुराना आदेश

सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संविधान पीठ ने 8:1 के बहुमत से दिए इस फैसले के जरिए सालों पुराने सात जजों की पीठ का फैसला पलट दिया है. सिर्फ जस्टिस बी वी नागरत्ना ने बहुमत के इस फैसले से अपनी असहमति जताई है.

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संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

औद्योगिक शराब नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले से राज्यों की बड़ी जीत हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह माना है कि राज्य औद्योगिक शराब को भी रेगुलेट कर सकते हैं. 

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व की बेंच के फैसले को पलट दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि औद्योगिक अल्कोहल पर कानून बनाने क लिए राज्य के अधिकार को नहीं छीना जा सकता है. 

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सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संविधान पीठ ने 8:1 के बहुमत से दिए इस फैसले के जरिए सालों पुराने सात जजों की पीठ का फैसला पलट दिया है. सिर्फ जस्टिस बी वी नागरत्ना ने बहुमत के इस फैसले से अपनी असहमति जताई है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारों के पास औद्योगिक अल्कोहल के उत्पादन, निर्माण और आपूर्ति को नियंत्रित करने का अधिकार है. साल 1997 में सात जजों वाली बेंच ने कहा था कि केंद्र सरकार के पास औद्योगिक अल्कोहल के उत्पादन पर नियामक शक्ति है. इस मामले को 2010 में नौ जजों वाली पीठ के पास भेज दिया गया था.

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