कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है. इस याचिका में उन्होंने पूर्व प्रभाव से दी गई पर्यावरण मंजूरियों को कानून के खिलाफ बताते हुए उन्हें जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक और शासन-व्यवस्था का मजाक करार दिया था.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने याचिका पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आपने रिव्यू याचिका क्यों नहीं दायर की? आप रिट याचिका में सभी आधार उठाकर फैसले की समीक्षा कैसे मांग सकते हैं? अगर ऐसा करेंगे तो भारी जुर्माने के लिए तैयार रहें. ऐसी याचिकाएं सिर्फ मीडिया में प्रचार के लिए दाखिल की जाती हैं.
सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद जयराम रमेश ने अपनी याचिका वापस ले ली. जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को चुनौती दी थी. इसके तहत किसी प्रोजेक्ट को शुरू होने के बाद भी पिछली तारीख से पर्यावरण क्लीयरेंस की मंजूरी ली जा सकती थी.
सुप्रीम कोर्ट ने जयराम रमेश के वकील से पूछा कि आपने फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका क्यों नहीं दाखिल की? अगर इस तरह से अपील दाखिल करेंगे तो आपको इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.
इस फटकार के बाद जयराम रमेश मे अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस लेने की इच्छा जताई. अदालत ने इसकी इजाजत दे दी.
संजय शर्मा