SC का ऐतिहासिक फैसला- बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने बहू के पक्ष में आज गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बहू को उसके पति के माता-पिता के घर में रहने का अधिकार है.

Advertisement
सुप्रीम कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) सुप्रीम कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 10:03 PM IST
  • कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- बहू को ससुराल में रहने का अधिकार
  • 3 न्यायाधीशों की बेंच ने कोर्ट के पुराने फैसले को पलटा
  • डेढ़ सौ पेज के पन्ने में सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने बहू के पक्ष में आज गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बहू को उसके पति के माता-पिता के घर में रहने का अधिकार है. जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने तरुण बत्रा मामले में दो न्यायाधीशों की पीठ के फैसले को पलट दिया है.

Advertisement

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार पत्नी को पति के माता-पिता के मकान में रहने का हक मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत दिए अपने फैसले में साफ कहा है कि पीड़ित पत्नी को ससुराल में सास-ससुर के मकान में केवल रहने का कानूनी अधिकार होगा. पति की अर्जित की हुए संपत्ति यानि अलग से बनाए हुए घर पर तो अधिकार होगा ही.

देखें: आजतक LIVE TV

सुप्रीम कोर्ट ने अपने डेढ़ सौ पेज के फैसले में घरेलू हिंसा कानून 2005 का हवाला देते हुए कई बातें स्पष्ट की है.

गौरतलब है कि तरुण बत्रा मामले में दो जजों की बेंच ने कहा था कि कानून में बेटियां, अपने पति के माता-पिता के स्वामित्व वाली संपत्ति में नहीं रह सकती हैं. अब तीन सदस्यीय पीठ ने तरुण बत्रा के फैसले को पलटते हुए 6-7 सवालों के जवाब दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि पति की अलग-अलग संपत्ति में ही नहीं, बल्कि साझा घर में भी बहू का अधिकार है.

Advertisement

ये भी पढ़ें

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »