'दाऊद के पैसे वाली फिल्मों पर चुप रहने वालों को अब मिर्ची लग रही', 'धुरंधर' के आलोचकों पर बरसे पूर्व DGP

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने यह भी दावा किया कि देश में फेक करेंसी रैकेट में कुछ नेताओं की संलिप्तता रही है और पाकिस्तान से जुड़ी गतिविधियों में भी उनका हाथ रहा है. उन्होंने कहा कि फिल्म में जो कुछ दिखाया गया है, वह कई मामलों में वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है.

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एस.पी.वैद ने फिल्म 'धुरंधर' के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा (Photo-ITG) एस.पी.वैद ने फिल्म 'धुरंधर' के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:16 AM IST

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने फिल्म 'धुरंधर: 2' का समर्थन करते हुए विरोधियों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि फिल्म में अतीक अहमद और दाऊद इब्राहिम जैसे गैंगस्टरों के बारे में जो दिखाया गया है, वह कड़वी सच्चाई है. 

वैद के मुताबिक, अतीक अहमद का पाकिस्तान से कनेक्शन और अवैध हथियारों की तस्करी का काला चिट्ठा पूरी दुनिया के सामने है. पूर्व डीजीपी ने कहा, 'अतीक अहमद एक गैंगस्टर था, भले ही वह सांसद रहा हो. उसके पास अवैध हथियार कहां से आते थे और उसके पाकिस्तान से क्या संबंध थे, यह किसी से छिपा नहीं है. फिल्म उसी सच पर आधारित है.'

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के कुछ नेता जाली नोटों के रैकेट में शामिल थे और पाकिस्तान को मशीनें तक पहुंचाने में उनकी भूमिका थी, जिसके कारण ही नोटबंदी जैसा कड़ा फैसला लेना पड़ा था.

यह भी पढ़ें: 'धुरंधर 2' पर राम गोपाल वर्मा का पोस्ट, फिल्ममेकर्स और एक्टर्स पर साधा निशाना

विपक्ष के 'सरकारी प्रचार' के आरोपों पर पलटवार
विपक्षी दलों द्वारा फिल्म को 'सरकारी प्रोपेगेंडा' बताए जाने पर एस.पी. वैद ने तंज कसते हुए कहा,'जब तक दाऊद इब्राहिम के पैसे से फिल्में बनती थीं, तब तक किसी को तकलीफ नहीं हो रही थी. अब जब सच दिखाया जा रहा है, तो लोगों को मिर्ची लग रही है.' उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म में किसी सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं हुआ है, बल्कि यह सच्चाई पर आधारित एक साहसी प्रयास है.

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आपको बता दें कि फिल्म को लेकर जहां एक ओर समर्थन देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ राजनीतिक दल इसे प्रोपेगेंडा बताकर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि, एसपी वैद का मानना है कि फिल्म में दर्शाई गई कहानी वास्तविक तथ्यों के करीब है और इसे उसी नजर से देखा जाना चाहिए.

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