कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को बुधवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सामने आया है कि सोनिया गांधी को एक छोटी सर्जरी के लिए अस्पताल ले जाया गया है. इसी साल मार्च में भी सोनिया गांधी को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब वो दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में एडमिट हुई थीं. गुरुग्राम के मेदांता से अभी उनकी सर्जरी की डिटेल सामने नहीं आई है.
24 मार्च को सर गंगाराम अस्पताल में हुई थीं भर्ती
बता दें कि बुधवार सुबह सामने आया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को अस्पताल ले जाया गया है. उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी माइनर सर्जरी होनी है. इससे पहले 24 मार्च 2026 में सोनिया गांधी को तबीयत खराब होने के बाद देर शाम दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टर अरूप बासु की देखरेख में तब उनका इलाज चला था. बताया गया था कि फेफड़ों से संबंधित परेशानी के चलते उन्हें भर्ती कराया गया था.
केरल की सरकार गठन में सोनिया गांधी की अहम भूमिका
ताजा घटनाक्रम में देखें तो सोनिया गांधी इस वक्त केरल में सरकार गठन को लेकर अहम भूमिका निभा रही हैं. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में केरल में यूडीएफ की जीत हुई है, जिसके बाद वहां कांग्रेस सरकार बनाने के लिए कवायद कर रही है. इसके लिए दिल्ली से तिरुवनंतपुरम तक कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं.
दो दिन पहले इसे लेकर सामने आया था कि केरल मसले पर सोनिया गांधी अंतिम फैसला करेंगी. केरल में सीएम पद के तीन दावेदार हैं. केसी वेणुगोपाल, चेन्निथला और वीडी सतीशन. तीनों ने दो दिन पहले हुई महाबैठक में अपनी दावेदारी के पक्ष में दलील दी थी, लेकिन अंत में साफ कहा कि आलाकमान के फैसले के साथ रहेंगे.
सरकार बनाने में हो रही है देरी
सूत्रों के मुताबिक वेणुगोपाल के पक्ष में ज्यादातर विधायक लेकिन बाकी दोनों दिग्गज नेताओं से रजामंदी बनाकर ही फैसला होगा. वहीं राहुल गांधी को भी तय करना है कि वेणुगोपाल को केरल का सीएम बनाए या अपने साथ संगठन महासचिव के रूप मे रखें. कांग्रेस आलाकमान ने परोक्ष रूप से सभी नेताओं से उनके पक्ष में हो रही पोस्टर बाजी और प्रदर्शन पर लगाम लगाने की नसीहत दी थी. अगले 24 से 48 घंटों में फैसले की उम्मीद थी, जिसमें आखिरी फैसला सोनिया गांधी को ही लेना है.
हालांकि इसी बीच उन्हें सर्जरी के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिससे केरल में सरकार बनाने की कवायद में और देरी की बात सामने आ रही है.
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