पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर और यूपी के ग्रेटर नोएडा में रहने वाले सचिन मीणा की लव स्टोरी सुर्खियों में है. पबजी खेलने के दौरान सचिन से प्यार होने के बाद सीमा हैदर ने उससे मिलने के लिए पाकिस्तान में 12 लाख रुपये (पाकिस्तानी रुपये) में अपनी जमीन बेच दी और नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत आ गई.
भारत से लेकर पाकिस्तान तक ये खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और सोशल मीडिया पर भी सीमा-सचिन की लव स्टोरी के चर्चे शुरू हो गए. सोशल मीडिया पर सीमा हैदर को जासूस बताया जाने लगा जिसके बाद अब इसकी जांच यूपी एटीएस कर रही है.
इस कड़ी में सोमवार को नोएडा में एटीएस ने सचिन मीणा, उसके पिता और सीमा हैदर से पूछताछ भी की है. सीमा पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि उसके भारत में प्रवेश करने का तरीका काफी संदिग्ध है.
सीमा हैदर अपने चार बच्चों के साथ काठमांडू से बस में सवार होकर नई दिल्ली पहुंची. फिर वहां से सीधे अपने प्रेमी सचिन मीणा के घर ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा गांव आ गई और चुपचाप सचिन के साथ रहने लगी. ग्रामीणों द्वारा पुलिस को इसकी भनक लगी तो सचिन और सीमा भागने लगे और बल्लभगढ़ में नोएडा पुलिस के हाथों पकड़े गए. इसके बाद पुलिस ने सीमा हैदर और सचिन को ग्रेटर नोएडा के जेवर सिविल कोर्ट में पेश किया.
सीमा के वकील ने कोर्ट में क्या दी थी दलील
कोर्ट में सीमा हैदर के वकील ने उसके बचाव में कहा कि उसने अज्ञानता के कारण बिना वीजा लिए देश में प्रवेश किया. इतना ही नहीं उसके वकील ने कोर्ट में ये दलील भी दी कि सीमा हैदर के चार बच्चे हैं और उसमें कुछ की उम्र 6 साल से भी कम है. ऐसे में उनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है.
सीमा के वकील ने कोर्ट से कहा कि उसने किसी गलत इरादे से नहीं बल्कि अज्ञानता के कारण सिर्फ प्रेम में पड़कर बॉर्डर पार किया है इसलिए उसे जमानत दे दी जाए. इस पर जज नाजिम अकबर की कोर्ट ने जमानत के लिए सीमा हैदर के सामने तीन शर्तें रखी थी.
क्या है सीमा के लिए कोर्ट की तीन शर्तें
कोर्ट ने सीमा हैदर को जमानत देने के लिए जो तीन शर्तें रखी थी उसमें पहली शर्त ये थी कि सीमा स्थानीय पुलिस अधिकारी को बिना जानकारी दिए देश नहीं छोड़ सकती है. कोर्ट की दूसरी शर्त ये थी कि वो बिना जानकारी दिए अपना पता नहीं बदलेगी और अगर ऐसा करती है तो नए पते की सूचना कोर्ट को देगी.
इसके साथ ही कोर्ट ने सीमा के सामने तीसरी शर्त ये रखी थी कि वो अब भारत में कोई भी अपराध या गैरकानूनी काम नहीं करेगी. कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा कि अगर अभियुक्त यानी की सीमा हैदर ने इसमें से कोई भी शर्त तोड़ी तो अभियोजन (पुलिस) के पास कोर्ट में उसकी जमानत को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने का विकल्प मौजूद रहेगा. उन शर्तों को मानने के बाद जूनियर डिविजन जज नाजिम अकबर ने 30 हजार रुपये के मुचलके पर सचिन, उसके पिता नेत्रपाल और सीमा हैदर को जमानत दे दी थी.
अरविंद ओझा