कोरोना के मद्देनजर सऊदी अरब ने हज यात्रियों के लिए बड़ा फैसला किया है. भारत सहित दुनिया भर के तीर्थयात्रियों के लिए सऊदी अरब कोरोना वैक्सीन अनिवार्य करने जा रहा है. सऊदी के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. तौफिग बिन फवाजान अल रबिया ने सऊदी अरब सरकार से सिफारिश की है कि हज यात्रा की इजाजत उन्हें मिले, जिन्होंने वैक्सीन की खुराक ले ली है.
रिपोर्टों में कहा गया है कि सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री ने उमरा और हज यात्रियों को टीका लगाने के लिए एक विशेष समिति गठित करने की भी सिफारिश की. इस साल हज यात्रा जुलाई के महीने में होगी, लेकिन कोरोना के कारण सऊदी ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि कितने तीर्थयात्रियों को हज में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी.
यह तय है कि सऊदी अरब के नए फैसले से केरल के हजयात्रियों को मुश्किल होगी, क्योंकि यह सुनिश्चित है कि विभिन्न देशों को दिए गए हज कोटा को कम किया जाएगा. पिछले साल सऊदी अरब ने केवल मुट्ठी भर घरेलू हजयात्रियों और देश के भीतर रहने वाले विदेशियों को हज करने की अनुमति दी थी.
उमरा तीर्थयात्रा, जो पिछले साल मार्च में महामारी के बाद प्रतिबंधित कर दी गई थी, 4 अक्टूबर, 2020 को फिर से शुरू हुई. विभिन्न देशों के लगभग 20 लाख तीर्थयात्री हज यात्रा करने के लिए हर साल सऊदी अरब जाते थे. रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब का नया फैसला हजयात्रियों की स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रयासों का हिस्सा है.
हिजरी कैलेंडर में हर साल धु अल-हिज्जा के महीने के दौरान हज किया जाता है. इस समय दुनिया भर के मुसलमान मक्का जाएंगे. तीर्थयात्री मदीना शहर भी जाते थे. महामारी के मद्देनजर सऊदी अरब ने भारत सहित 20 देशों के लोगों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है.
जिन देशों पर प्रतिबंध लगाया गया है वो हैं- संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, यूएई, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, आयरलैंड, इटली, पाकिस्तान, ब्राजील, पुर्तगाल, ब्रिटेन, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, लेबनान, मिस्र, जापान और भारत.
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