केंद्र ने कसे पेंच तो Twitter पड़ा ढीला, भागवत समेत कई RSS नेताओं के ब्लू टिक बहाल

RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से भी ब्लू टिक गायब हो गया था. लेकिन अब खबर आई है कि RSS के तमाम नेताओं के अकाउंट पर ब्लू टिक की वापसी हो गई और उस विवाद को सुलझा लिया गया है.

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RSS प्नमुख मोहन भागवत RSS प्नमुख मोहन भागवत

aajtak.in

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  • 05 जून 2021,
  • अपडेटेड 5:48 PM IST
  • केंद्र ने कसे पेंच तो Twitter पड़ा ढीला
  • मोहन भागवत का ब्लू टिक बहाल
  • केंद्र और ट्विटर के बीच विवाद जारी

केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच तल्खी खत्म होने के बजाय बढ़ती जा रही है. सरकार के नए नियमों के बीच ट्विटर का कई नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक का हटाना बड़ा विवाद बन गया है. पहले देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अकाउंट से ब्लू टिक हटा और फिर RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट के खिलाफ भी एक्शन हो गया. लेकिन अब ट्विटर के तेवर ढीले पड़े हैं और दोनों वेंकैया नाडयू और मोहन भागवत के अकाउंट पर ब्लू टिक को बहाल कर दिया गया है.

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केंद्र ने कसे पेंच तो ट्विटर पड़ा ढीला

जानकारी मिली है कि मोहन भागवत के अलावा दूसरे तमाम RSS नेताओं के अकाउंट को भी बहाल कर दिया गया है. ऐसे में इस विवाद को ठंडा करने का प्रयास जरूर हुआ है, लेकिन तल्खी अभी भी जारी है. जब से केंद्र की तरफ से नए आईटी नियम लागू किए गए हैं, ट्विटर की बौखलाहट साफ महसूस की जा सकती है. वैसे भी ट्विटर की तरफ से वेंकैया नायडू के अकाउंट पर लिए गए एक्शन पर जो सफाई पेश की गई, उस पर सरकार का कड़ा एतराज रहा. ट्विटर ने दलील दी थी कि उप राष्ट्रपति की तरफ से उनके अकाउंट को लंबे समय से लॉग इन नहीं किया गया, उसी वजह से उनका ब्लू टिक हटा दिया गया. लेकिन दो घंटे बाद ही ट्विटर को वो अकाउंट बहाल भी करना पड़ गया और अब RSS के तमाम नेताओं को भी ब्लू टिक वापस मिल गए.

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केंद्र का ट्विटर को अल्टीमेटम

वहीं केंद्र और ट्विटर के बीच जारी विवाद की बात करें तो भारत सरकार की तरफ से अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अल्टीमेटम दे दिया गया है. साफ निर्देश है कि नए नियमों को या तो समय रहते लागू किया जाए या फिर सख्त एक्शन के लिए तैयार रहें. ऐसे में अब ट्वटिर के तेवर ढीले होते तो दिख रहे हैं, लेकिन अभी बी स्थाई समाधान दूर दिखाई पड़ रहा है.

कोर्ट तक पहुंच गया मामला

25 फरवरी को बनाए गए नए आईटी नियमों में सरकार ने साफ कर दिया था कि जिस भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के 50 लाख से ज्यादा यूजर होंगे, उन्हें भारत में शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी. ट्विटर की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में बताया गया था कि उसने 28 मई को शिकायत अधिकारी की नियुक्ति कर दी है लेकिन सरकार इससे संतुष्ट नहीं है, ऐसे में ये विवाद अभी और ज्यादा बढ़ने वाला है. 

 

 

 

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