जम्मू-कश्मीर के अखनूर इलाके में 11 अप्रैल की शाम एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाली मौसमीय घटना देखने को मिली. देवीपुर के पास अचानक धूल और तेज हवाओं का एक बवंडर जमीन से उठकर आसमान तक पहुंच गया. यह दृश्य करीब 10 मिनट तक बना रहा और स्थानीय लोगों के लिए यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था.
मौसम वैज्ञानिकों ने इस घटना को 'लैंडस्पाउट टॉरनेडो' बताया है. टॉरनेडो हवा का तेजी से घूमता हुआ स्तंभ होता है, जो बादलों से जमीन तक जुड़ता है. लेकिन लैंडस्पाउट टॉरनेडो सामान्य टॉरनेडो से अलग होता है. यह जमीन से ऊपर की ओर बनता है, जबकि बड़े और खतरनाक टॉरनेडो आमतौर पर बादलों से नीचे की ओर विकसित होते हैं.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अखनूर में 'लैंडस्पाउट टॉरनेडो' बनने के पीछे एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) जिम्मेदार था. इस वेदर सिस्टम ने वातावरण में काफी ऊर्जा पैदा की, जिसे वैज्ञानिक भाषा में CAPE (कन्वेक्टिव अवेलेबल पोटेंशियल एनर्जी) कहा जाता है. जब गर्म और नमी वाली हवाएं तेजी से ऊपर उठती हैं और अलग-अलग ऊंचाई पर इनकी दिशा और गति बदलती है, तो टॉरनेडो बनता है.
आमतौर पर भारत में ऐसे टॉरनेडो पूर्वी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और ओडिशा में ज्यादा देखने को मिलते हैं. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण जम्मू-कश्मीर में इस तरह की घटनाएं बहुत कम होती हैं, क्योंकि यहां की भौगोलिक स्थिति हवा के ऐसे घुमाव को बनने नहीं देती. लेकिन इस साल यह दूसरी बार है जब इस इलाके में ऐसा बवंडर देखा गया है.
जम्मू-कश्मीर मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद के मुताबिक, यह घटना तेजी से विकसित हुए तूफानी बादलों की एक लाइन (स्क्वॉल लाइन) के कारण हुई. अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई.
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