संसद में आज गूंजेगा चीन से तनाव का मुद्दा, LAC के हालात पर राजनाथ देंगे बयान

विपक्ष सरकार पर दबाव बनाए हुए है कि सरकार इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान दे. इसे देखते हुए रक्षा मंत्री मंगलवार को 3 बजे 'लद्दाख में सीमा पर हालात' के बारे में देश को अवगत कराएंगे. अभी हाल में रूस की राजधानी मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक से इतर यह मुद्दा उठाया गया था.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:27 AM IST
  • लद्दाख में आमने-सामने हैं भारत-चीन की सेनाएं
  • दोनों देशों में राजनयिक और सैन्य स्तर पर वार्ता
  • सीमा पर स्थिति गंभीर, अग्रिम मोर्चे पर डटी फौज

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को लोकसभा में लद्दाख मसले पर बयान देंगे. पूर्वी लद्दाख में कई महीने से चीन के साथ तनाव जारी है. दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं. कई दौर की वार्ता होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है. विपक्ष सरकार पर दबाव बनाए हुए है कि सरकार इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान दे. इसे देखते हुए रक्षा मंत्री मंगलवार को 3 बजे 'लद्दाख में सीमा पर हालात' के बारे में देश को अवगत कराएंगे.

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अभी हाल में रूस की राजधानी मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक से इतर यह मुद्दा उठाया गया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके चीनी समकक्ष के बीच तकरीबन 2 घंटे बैठक चली. बैठक में तय हुआ कि दोनों देश आपसी बातचीत से सीमा विवाद का मुद्दा सुलझाएंगे, लेकिन इस पर फैसला नहीं हो सका कि दोनों देशों की सेनाएं कब पीछे हटेंगी.

रक्षा मंत्रियों की बैठक के बाद एससीओ से इतर भारत और चीन के विदेश मंत्री एक दूसरे से मिले और वार्ता की. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बैठक में हिस्सा लिया. बैठक में भारत ने साफ कर दिया कि वह हर हाल में अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा. बैठक में तय हुआ कि दोनों देश बातचीत के क्रम के जारी रखेंगे और विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाने पर जोर देंगे. हालांकि बाद में चीन की तरफ से बयान आया कि मुद्दा सुलझाने की पूरी जिम्मेदारी भारत पर है. भारत ने भी साफ कर दिया कि चीन जब तक सीमा पर यथास्थिति बरकरार नहीं करता है, तब तक उसके साथ व्यापारिक रिश्ते सामान्य नहीं होंगे.

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बता दें, पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है और दोनों ओर से सैन्य व कूटनीतिक स्तर पर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है. खास बात यह है कि 1975 के बाद सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच इस तरह से पहली बार फायरिंग हुई है. सरकारी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गोलीबारी की घटना पूर्वी लद्दाख सेक्टर में LAC के सटे हुई. हालांकि सूत्रों ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है. इन सभी मुद्दों पर विपक्ष सरकार से जवाब चाहता है. इसे देखते हुए मंगलवार को राजनाथ सिंह का बयान काफी अहम होगा और स्थिति बिल्कुल साफ होती दिखाई देगी.

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