राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा पूरा हो गया है. वह 23वें भारत-रूस समिट के लिए भारत आए थे. इस दौरान दोनों देशों के बीच 19 समझौते हुए. उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन में भव्य डिनर का आयोजन किया गया. इस डिनर में शिरकत करने के बाद वह सीधे रूस के लिए रवाना हो गए.
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इससे पहले पीएम मोदी और पुतिन के बीच हुई मीटिंग में ट्रेड, डिफेंस और एनर्जी से जुड़े कई समझौतों पर साइन हुए, जिसका ऐलान दोनों नेता जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया. 2022 में रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यह पुतिन का पहला भारत दौरा था.
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रूस के राष्ट्रपति पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा पूरा हो गया है. वह राष्ट्रपति भवन में भव्य डिनर के बाद सीधे पालम एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से मॉस्को के लिए रवाना हुए. इस दौरान हवाईअड्डे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर मौजूद रहे.
रूसी राष्ट्रपति पुतिन डिनर के बाद राष्ट्रपति भवन से रवाना हो गए हैं. कुछ देर बाद वे अपने देश रूस लौटेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को कई तोहफे दिए हैं. उन्हें असम की ब्लैक टी, सिल्वर का टी सेट, सिल्वर होर्स, मार्बल का चेस सेट, कश्मीरी केसर और श्रीमद्भगवदगीता की रूसी भाषा में एक प्रति भेंट की है.
राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में डिनर का आयोजन किया जा रहा है. पुतिन और उनका पूरा रूसी डेलिगेशन इस समय राष्ट्रपति भवन में हैं. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कैबिनेट मंत्रियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के वीआईपी डिनर का लुत्फ उठा रहे हैं.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन डिनर के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंच गए हैं. यहां उनके सम्मान में डिनर का आयोजन किया जा रहा है. राष्ट्रपति मुर्मू ने पुतिन का यहां वेलकम किया.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हो गए हैं. वह राष्ट्रपति भवन में डिनर में शामिल होने के लिए आईटीसी मौर्या होटल से राष्ट्रपति भवन के लिए निकल चुके हैं.
सूत्रों के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में डिनर का आयोजन हो रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में आयोजित डिनर में आमंत्रित नहीं किया गया है जबकि कांग्रेस संसद शशि थरूर को इसके लिए न्योता भेजा गया है.
पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में डिनर... राहुल-खड़गे को न्योता नहीं, शशि थरूर को बुलाया
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में डिनर का आयोजन किया जा रहा है. रूसी डेलिगेशन डिनर के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंच गया है. पुतिन थोड़ी देर में पहुंचने वाले हैं. इस दौरान भारतीय से लेकर रूसी व्यंजन परोसे जाएंगे. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच डिनर का आयोजन किया जा रहा है.
भारत मंडपम में बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मैं जोर देकर कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु नीति का संचालन कर रहा है और साथ ही बहुत अच्छे परिणाम भी हासिल कर रहा है. आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों और 'मेक इन इंडिया' जैसे ऐतिहासिक पहल के कारण भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनता जा रहा है. भारत का आईटी और फार्मास्युटिकल क्षेत्र दुनिया में अग्रणी स्थान रखता है.
पुतिन ने कहा कि वास्तव में, रूस और भारत दशकों से विश्वसनीय व्यापारिक साझेदार रहे हैं. हमारा द्विपक्षीय व्यापार स्थाई गति से बढ़ रहा है. पिछले तीन वर्षों में तो इसमें रिकॉर्ड 80 फीसदी तक की वृद्धि देखी गई है. नतीजतन, पिछले साल रूस-भारत व्यापार का आंकड़ा 64 अरब डॉलर तक पहुंच गया. द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. रूस और भारत दोनों के पास विशाल उपभोक्ता बाजार हैं. एक बार फिर मैं यह जोर देकर कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत पूरी तरह स्वतंत्र और संप्रभु नीति का संचालन कर रहा है, और साथ ही आर्थिक क्षेत्र में बेहद शानदार परिणाम भी हासिल कर रहा है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इंडिया-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी टीम सिर्फ तेल और गैस पर बात करने या सौदे करने के लिए भारत नहीं आई है. उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ हर क्षेत्र में रिश्ते और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार निजी बातचीत में कहा है कि भारत में कई सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन दोनों देशों ने इनका पूरा फायदा अभी तक नहीं उठाया है. पुतिन ने कहा कि यही वजह है कि इस बिजनेस फोरम का आयोजन किया गया है, ताकि दोनों देश नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ा सकें और मौकों का बेहतर इस्तेमाल कर सकें.
पीएम मोदी ने बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि हमने डिफेंस और स्पेस को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है. इस सेक्टर में नए अवसर बनेंगे. अब हम सिविल न्यूक्लियर सेक्टर में भी नई संभावनाओं के द्वार खोलने जा रहे हैं. ये केवल एडमिनिस्ट्रेशन रिफॉर्म नहीं बल्कि माइंडसेट रिफॉर्म हैं. इसके पीछे एक ही संकल्प है- विकसित भारत.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस संबंधों की सबसे बड़ी शक्ति ताकत ये है कि ये हमारे साझा प्रयासों को दिशा और गति देती हैं. यही वो लॉन्चपैड है, जो हमें नए सपनों और नई आकांक्षाओं की उड़ान भरने के लिए प्रेरित करती है. पिछले साल पुतिन और मैंने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर करने कालक्ष्य रखा था लेकिन कल पुतिन से हमारी जो बातें हो रही हैं, जिससे संभावना नजर आ रही है कि हम उस लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने के संकल्प से आगे बढ़ रहे हैं. हमारी ऊर्जा और इनोवेशन और महत्वाकांक्षाएं हमारे संयुक्त भविष्य को आकार दे रही हैं. बीते 11 वर्षो में भारत ने जिस तरह से बदलाव किए हैं, वो अभूतपूर्व है. रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के सिद्धांत पर चलते हुए भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर आगे बढ़ रहा है.हम ना थके हैं, ना रुके हैं, हमारे संकल्प पहले से ज्यादा मजबूत हैं. हम लक्ष्य की दिशा में बड़े आत्मविश्वास के साथ बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं. हमने जीएसटी में रिफॉर्म किए हैं, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिल सके. दोनों देशों के बीच टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे संकल्प पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं. भारत और रूस के बीच फ्री ट्रेड पर चर्चा हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और हमने पिछले साल दोनों देशों के द्विपक्षीय कारोबार को 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा था. लेकिन हम इस संकल्प को समय से पहले पूरा करने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भारत के प्रधानमंत्री और सभी भारतीय सहयोगियों का रूसी प्रतिनिधिमंडल को दिए गए गर्मजोशी भरे और आतिथ्यपूर्ण स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं प्रधानमंत्री मोदी का भी उनके निवास पर कल दिए गए डिनर के लिए आभार व्यक्त करता हूं.' उन्होंने आगे कहा कि रूस भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की लगातार और बिना रुकावट आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार है. पुतिन ने यह भी बताया कि दोनों देश भुगतान निपटान में राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अब वाणिज्यिक लेन-देन में इसका हिस्सा 96 प्रतिशत तक पहुंच चुका है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'इस साल अक्टूबर में काल्मिकिया में आयोजित इंटरनेशनल बौद्ध फोरम में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया. मुझे खुशी है कि हम जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30 दिनों का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा और 30 दिनों का ग्रुप टूरिस्ट वीजा शुरू करने जा रहे हैं.' पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हमारी दोस्ती हमें वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देगी और आपसी भरोसा हमारे साझा भविष्य को और समृद्ध करेगा.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. चाहे पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर किया गया कायराना हमला- इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है. भारत का अटूट विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है. भारत और रूस का संयुक्त राष्ट्र, G20, BRICS, SCO और अन्य मंचों पर घनिष्ठ सहयोग है. हम इन सभी मंचों पर संवाद और सहयोग को आगे भी जारी रखेंगे.'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ एफटीए को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए 2030 तक के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनी है. पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत ने रूस के नागरिकों के लिए फ्री ई-टूरिस्ट वीजा शुरू करेगा जिसकी वैधता 30 दिनों के लिए होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'यूक्रेन मुद्दे पर भारत शुरू से ही शांति का पक्षधर रहा है. हम इस मसले के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए की जा रही हर कोशिश का स्वागत करते हैं. भारत हमेशा अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और आगे भी तैयार रहेगा.'
23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पिछले आठ दशकों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. इंसानियत को कई तरह की चुनौतियों और मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा है. और इन सबके बीच, भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह हमेशा अडिग और मजबूत बनी रही है.'
पीएम मोदी ने कहा, 'ऊर्जा सुरक्षा भारत-रूस साझेदारी का एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रही है. सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में हमारा दशकों पुराना सहयोग हमारी साझा स्वच्छ ऊर्जा प्राथमिकताओं को पूरा करने में बेहद अहम रहा है. हम इस विन-विन सहयोग को आगे भी जारी रखेंगे. महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) में हमारा सहयोग दुनिया भर में सुरक्षित और विविधतापूर्ण सप्लाई चेन सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है. यह स्वच्छ ऊर्जा, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नई उभरती इंडस्ट्रीज में हमारी साझेदारी को मजबूत आधार देगा.' उन्होंने आगे कहा, 'शिपबिल्डिंग में हमारा गहरा सहयोग मेक इन इंडिया को और मजबूत करने की क्षमता रखता है. यह हमारे विन-विन सहयोग का एक और बेहतरीन उदाहरण है, जो रोजगार, कौशल और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा.'
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पंद्रह साल पहले, 2010 में, हमारी साझेदारी को स्पेशल प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया था. पिछले ढाई दशकों में राष्ट्रपति पुतिन ने अपने नेतृत्व और विजन से इस रिश्ते को लगातार आगे बढ़ाया है. हर परिस्थिति में उनके नेतृत्व ने हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. मैं राष्ट्रपति पुतिन, अपने मित्र, का भारत के प्रति उनकी गहरी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं.'
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-रूस के बीच हुए कई समझौतों का आदान-प्रदान किया. ये समझौते दोनों देशों के आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं. भारत और रूस के बीच ये समझौते हुए:
-कोऑपरेशन और माइग्रेशन पर एग्रीमेंट
-अस्थायी श्रमिक गतिविधियों पर समझौता
-हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन पर समझौता
-फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स पर एग्रीमेंट
-पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन पर समझौता
-फर्टिलाइजर पर एग्रीमेंट
पुतिन के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया ने कोविड-19 से लेकर आज तक कई संकटों का सामना किया है और उम्मीद जताई कि वैश्विक चुनौतियां जल्द ही पार कर ली जाएंगी. उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि आज हम कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे. भारत और रूस के आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जाना चाहिए, और साथ मिलकर हमें नई ऊंचाइयों को छूने का लक्ष्य रखना चाहिए. इस तरह के आशावादी दृष्टिकोण के साथ हम अपनी बैठक को आगे बढ़ाएंगे. यह एक मजबूत विश्वास है.'
भारत-रूस संबंधों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, '2001 में आपके पदभार संभालने और पहली बार भारत आने के बाद अब 25 वर्ष हो चुके हैं. उस पहली यात्रा में ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की एक मजबूत नींव रखी गई थी. मेरे लिए खुशी की बात है कि आपके साथ मेरे संबंधों को भी 25 साल हो गए. मेरा मानना है कि आपने 2001 में जो भूमिका निभाई थी, वह इस बात का शानदार उदाहरण है कि एक दूरदर्शी नेता जहां से शुरू करता है, वह रिश्तों को कितनी ऊंचाइयों तक ले जा सकता है.'
हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ बातचीत में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में शांति स्थापित करने की भारत की पहल पर प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की प्रशंसा की. पीएम मोदी ने कहा कि 'भारत तटस्थ नहीं है. भारत का पक्ष शांति का है'. उन्होंने कहा, 'पुतिन की ये यात्रा ऐतिहासिक है. यूक्रेन संकट पर लगातार आपसे बात हुई. हमें शांति के रास्ते तलाशने चाहिए. शांति के मार्ग से ही विश्व का कल्याण होगा. हम शांति के हर प्रयास के साथ हैं. जल्द विश्व चिंताओं से मुक्त होगा. दुनिया जल्द शांति की दिशा में लौटेगी. रूस भी शांति का पक्षधर है. हमें शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए. हर क्षेत्र में संबंध आगे ले जाना चाहते हैं.'
हैदराबाद हाउस में पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि उन्हें विश्वास है कि रूस और यूक्रेन जल्द ही शांति के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे. पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत तटस्थ नहीं है, बल्कि मजबूती से शांति के पक्ष में खड़ा है. पुतिन के भारत दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच यह हाई-लेवल चर्चा हो रही है.
राष्ट्रपति पुतिन हैदराबाद हाउस पहुंच चुके हैं, जहां पीएम मोदी ने उनका स्वागत किया. यहां दोनों नेता 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे जिसमें दोनों के बीच ट्रेड और डिफेंस सहित कई मुद्दों पर बात होगी. इससे पहले पुतिन राजघाट पहुंचे जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की.
राजघाट पहुंचे राष्ट्रपति पुतिन ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. यहां से वह हैदराबाद हाउस के लिए रवाना हो गए जहां वह पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इससे पहले राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राजघाट पहुंच चुके हैं, जहां वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. उनके साथ भारतीय अधिकारियों की टीम भी मौजूद है. इससे पहले राष्ट्रपति भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राष्ट्रपति भवन से निकल चुके हैं, जहां उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के औपचारिक स्वागत कार्यक्रम में हिस्सा लिया. गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुतिन भी राजघाट के लिए रवाना हो चुके हैं.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त करने के बाद राजघाट के लिए रवाना हो गए हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और उन्हें विदाई दी. पुतिन अब राजघाट की ओर जा रहे हैं, जहां वे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति भवन में एक-दूसरे को दोनों देशों के गणमान्य व्यक्तियों से परिचित कराया.
राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति भवन पहुंच चुके हैं, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पुतिन को 21 तोपों की सलामी दी गई. अब उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है.
पीएम मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंच चुके हैं. कुछ ही देर में प्रेसिडेंट पुतिन भी राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे. यहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. मौके पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, सीडीएस जनरल अनिल चौहान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद हैं.
राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर की तैयारियां जारी हैं. मौके पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, सीडीएस जनरल अनिल चौहान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद हैं.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'यह बेहद अहम दौरा है. भारत और रूस का रिश्ता लंबे समय से मजबूत रहा है और आज की अशांत वैश्विक परिस्थितियों में, जब कई रिश्ते अनिश्चित होते जा रहे हैं, ऐसे में हमारे पुराने साझेदारियों को और मजबूत करना जरूरी है. किसी को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि इससे हमारे अन्य देशों के साथ संबंध प्रभावित होंगे, क्योंकि भारत में अलग-अलग देशों के साथ स्वतंत्र रिश्ते बनाए रखने की क्षमता है. हम हमेशा से संप्रभु स्वायत्तता में विश्वास करने वाला राष्ट्र रहे हैं- दोस्ती, साझेदारी और राष्ट्रीय हितों पर अपने फैसले खुद लेने की क्षमता हमारे डीएनए में है.'
23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में रक्षा सहयोग को मजबूत करना, बाहरी दबावों से द्विपक्षीय व्यापार को सुरक्षित रखना और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर पर सहयोग के नए रास्ते तलाशना मुख्य एजेंडा रहेगा. बातचीत के दौरान भारत रूस से कच्चे तेल के भारी आयात के कारण बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता जताएगा. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका ने रूस से भारत की तेल खरीद पर भारी टैरिफ लगाकर नई दिल्ली-वॉशिंगटन संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है, और इसी प्रभाव पर भी चर्चा होगी. पुतिन यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की हालिया पहलों की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा करेंगे. भारत लगातार वार्ता और कूटनीति को ही समाधान मानता आया है. ऊर्जा सहयोग भी केंद्र में रहेगा, क्योंकि ताजा अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत के तेल आयात घटने पर रूस ने कच्चे तेल पर अतिरिक्त छूट देने की पेशकश की है.
दो दिवसीय भारत दौरे पर गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर गर्मजोशी से स्वागत किया. अपने भारत दौरे से पहले पुतिन ने आजतक की मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप और इंडिया टुडे की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की जिसमें उन्होंने कई वैश्विक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी. इंटरव्यू में पुतिन ने हेल्थकेयर, अमरता और दुनिया भर में Gen Z के विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय रखते हुए कहा कि विज्ञान की मदद से इंसानी उम्र बढ़ाई जा सकती है, और यह साबित भी हो रहा है, लेकिन अंततः हर चीज का एक अंत होता है- सिर्फ भगवान ही शाश्वत हैं. उन्होंने बताया कि 77 साल पहले भारत में औसत आयु 31 वर्ष थी, जो आज बढ़कर करीब 70 वर्ष हो गई है.
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अपने भारत दौरे से पहले पुतिन ने आजतक की मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप और इंडिया टुडे की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की जिसमें उन्होंने कई वैश्विक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी. पुतिन से पूछा गया कि उनके कार्यकाल में भारत-रूस रिश्तों को मजबूत बनाने में किस भारतीय प्रधानमंत्री ने सबसे ज्यादा फर्क डाला है. जवाब में उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके बेहद भरोसेमंद और दोस्ताना संबंध हैं और वे उन्हें एक ईमानदार व विश्वसनीय नेता मानते हैं. पुतिन ने कहा कि 'भारत खुशकिस्मत है कि पीएम मोदी हिंदुस्तान में रहते हैं. वो भारत में सांस लेते हैं.'
World Exclusive: 'भारत खुशकिस्मत है कि वहां मोदी हैं', पीएम की तारीफ में बोले पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का आज दूसरा दिन है. आज वह पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. अपने दौरे से पहले पुतिन ने क्रेमलिन में 'आजतक' की मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप और इंडिया टुडे की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन को दिए 'वर्ल्ड एक्सक्लूसिव' इंटरव्यू में हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया. दुनिया के लिए सख्त संदेश और भारतीयों को दोस्ती का पैगाम देते पुतिन ने इस इंटरव्यू में ये 10 मैसेज दिए.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं. अपने दौरे से पहले उन्होंने मॉस्को के क्रेमलिन में 'आजतक' की मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप और इंडिया टुडे की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन से एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस वर्ल्ड एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पुतिन ने कई वैश्विक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी.
पीएम मोदी और पुतिन की आज होने वाली बैठक कई मायनों में अहम है क्योंकि इसमें तेल सप्लाई बढ़ाने, न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में सहयोग के नए विकल्प खोजने और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम व Su-57 फाइटर जेट जैसी डिफेंस डील्स पर चर्चा होने की उम्मीद है. बदलते भू-राजनीतिक माहौल में पुतिन का यह दौरा भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी की मजबूती और उसकी निरंतर अहमियत को दर्शाता है. आज रूस के रोसाटॉम के साथ छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (SMR) की डील पर भी मुहर लग सकती है.
सुबह 11.00 बजे: पुतिन सेरेमोनियल वेलकम में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन जाएंगे.
सुबह 11.30 बजे: वह पुष्पांजलि समारोह के लिए राजघाट जाएंगे.
सुबह 11.50 बजे: पीएम मोदी के साथ मीटिंग.
दोपहर 1.50 बजे: हैदराबाद हाउस में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस.
शाम 7.00 बजे: पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मीटिंग के लिए राष्ट्रपति भवन जाएंगे.
रात 9.00 बजे: रूस के लिए रवाना होंगे और अपना दौरा खत्म करेंगे.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक नियंत्रित रहेगा. सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक W पॉइंट, A पॉइंट, ITO चौक, बहादुर शाह जफर मार्ग, दिल्ली गेट, जेएलएन मार्ग, राजघाट और शांति वन क्रॉसिंग, हनुमान सेतु, नेताजी सुभाष मार्ग, निषाद राज मार्ग, सलीमगढ़ फ्लाईओवर, प्रगति मैदान टनल से हनुमान सेतु, कश्मीरी गेट, विकास मार्ग और IP मार्ग के आसपास रूट डायवर्जन रहेगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस दौरान इन रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें.