पंजाब के AAP विधायक को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनाव प्रचार के लिए नहीं मिली अंतरिम जमानत

जस्टिस संजय करोल और अरविंद कुमार की बेंच ने ईडी को नोटिस जारी किया और माजरा द्वारा दायर याचिका पर जवाब मांगा. याचिका में माजरा ने मौजूदा लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत मांगी है. आम आदमी पार्टी के पंजाब विधायक जसवंत सिंह की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई कर सकता है.

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सुप्रीम कोर्ट से AAP MLA जसवंत सिंह को झटका लगा है सुप्रीम कोर्ट से AAP MLA जसवंत सिंह को झटका लगा है

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:21 PM IST

सुप्रीम कोर्ट से पंजाब में आम आदमी पार्टी के अमरगढ़ हलके से विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा को झटका लगा है. कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए जसवंत सिंह को एकपक्षीय अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया. माजरा को बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था. 

जस्टिस संजय करोल और अरविंद कुमार की बेंच ने ईडी को नोटिस जारी किया और माजरा द्वारा दायर याचिका पर जवाब मांगा. याचिका में माजरा ने मौजूदा लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत मांगी है. आम आदमी पार्टी के पंजाब विधायक जसवंत सिंह की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई कर सकता है. 

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AAP विधायक पर 40 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड का आरोप है. रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने इस मामले में जसवंत सिंह को 3-4 बार समन भेजा था, लेकिन वह पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे. इसके बाद पिछले साल 6 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

पिछले साल सितंबर में ईडी की टीम ने जसवंत सिंह के घर छापा मारा था. घर और अन्य ठिकानों पर ईडी के अधिकारियों ने करीब 14 घंटे तक छापेमारी की. इसके बाद गज्जण माजरा ने बताया था कि ईडी की टीम उनके घर से 32 लाख रुपये कैश और तीन मोबाइल फोन अपने साथ ले गई. सीबीआई ने भी इस मामले में AAP विधायक के ठिकाने पर छापेमारी की थी. 

विधायक की ओर से पेश वकील ने चुनाव प्रचार के लिए 4 जून तक अंतरिम जमानत मांगी थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अमरगढ़ से आम आदमी पार्टी के विधायक को बिना विपक्षी पक्षों की बात सुने राहत देने के लिए तैयार नहीं हैं. पंजाब में आखिरी चरण में 1 जून को मतदान होना है. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पहले उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था और कहा था कि इसमें कोई अवैधता नहीं है. 

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