पराक्रम दिवस पर बोले PM मोदी- नेताजी का नाम सुनते ही नई ऊर्जा से भर जाता

नेताजी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के ही दिन मां भारती की गोद में उस वीर सपूत ने जन्म लिया था, जिसने आजाद भारत के सपने को नई दिशा दी थी. आज के ही दिन ग़ुलामी के अंधेरे में वो चेतना फूटी थी, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता के सामने खड़े होकर कहा था, मैं तुमसे आजादी मांगूंगा नहीं, छीन लूंगा.

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पराक्रम दिवस पर बोलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-ट्वीटर) पराक्रम दिवस पर बोलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-ट्वीटर)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 23 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 6:08 PM IST
  • नेताजी की जयंती पर पराक्रम दिवस में शामिल हुए PM मोदी
  • 'नेताजी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन'
  • उनका हर कार्य, हर फैसला, हम सभी के लिए बड़ी प्रेरणाः मोदी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज कोलकाता में आना मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला क्षण है. बचपन से जब भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का नाम सुना, मैं किसी भी स्थिति-परिस्थिति में रहा, इस नाम से एक नई ऊर्जा से भर गया.

देश आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है. इस अवसर पर कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आज कोलकाता में आना मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला क्षण है. बचपन से जब भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का नाम सुना, मैं किसी भी स्थिति-परिस्थिति में रहा, इस नाम से एक नई ऊर्जा से भर गया.' उन्होंने आगे कहा, 'ये नाम कान में पड़ते ही मैं एक नई ऊर्जा से भर गया. इतना विराट व्यक्तित्व है उनका.'

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'कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से नेताजी को नमन'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के ही दिन मां भारती की गोद में उस वीर सपूत ने जन्म लिया था, जिसने आजाद भारत के सपने को नई दिशा दी थी. आज के ही दिन ग़ुलामी के अंधेरे में वो चेतना फूटी थी, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता के सामने खड़े होकर कहा था, मैं तुमसे आजादी मांगूंगा नहीं, छीन लूंगा.

उन्होंने आगे कहा, 'मैं नेताजी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूं. मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूं.'

नेताजी बोस को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैंने अनुभव किया है कि नेताजी का नाम सुनते ही हर कोई कितनी ऊर्जा से भर जाता है. नेताजी के जीवन की ऊर्जा जैसे उनके अंतर्मन से जुड़ गई है. उनकी ऊर्जा, आदर्श, तपस्या, त्याग देश के हर युवा के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है.' उन्होंने आगे कहा, आज जब भारत नेताजी की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है तो हम सभी का कर्तव्य है कि उनके योगदान को पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाए. इसलिए देश ने ये तय किया है कि अब हर वर्ष हम नेताजी की जयंती, यानी 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया करेंगे.'

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'भारत मुंहतोड़ जवाब दे रहा'

उन्होंने कहा, 'आज जब इस वर्ष देश अपनी आजादी के 75 वर्ष में प्रवेश करने वाला है, जब देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब नेताजी का जीवन, उनका हर कार्य, उनका हर फैसला, हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है.'

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पीएम मोदी ने कहा, 'नेताजी ने कहा था कि आजाद भारत के सपने में कभी भरोसा मत खोइए. दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो भारत को बांधकर रख सके. वाकई दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो 130 करोड़ देशवसियों को अपने भारत को आत्मनिर्भर भारत बनाने से रोक सके.'

आज के भारत और बोस की कल्पना के देश के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी जिस भी स्वरूप में हमें देख रहे हैं, हमें आशीर्वाद दे रहे हैं. जिस भारत की उन्होंने कल्पना की थी, LAC से लेकर LOC तक, भारत का यही अवतार दुनिया देख रही है. जहां कहीं से भी भारत की संप्रुता को चुनौती देने की कोशिश की गई, भारत उसका मुंहतोड़ जवाब दे रहा है.

उन्होंने कहा कि नेताजी, आत्मनिर्भर भारत के सपने के साथ ही सोनार बांग्ला की भी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं. जो भूमिका नेताजी ने देश की आजादी में निभाई थी, वही भूमिका पश्चिम बंगाल को आत्मनिर्भर भारत में निभानी है.

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