प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुश्किल अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद देश मजबूत वृद्धि का केंद्र बना हुआ है. उन्होंने कहा, "महामारी के बाद की दुनिया नए अवसर खोल रही है. कई देश व्यापार और नवाचार में हमारे साथ साझेदारी को उत्सुक हैं. हमारे पास युवा और कुशल आबादी है और हम कम महंगाई के साथ मजबूत वृद्धि पर ध्यान दे रहे हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन वजहों से यह समय भारत के लिए बड़ा अवसर है. बजट के बारे में उन्होंने कहा, "यह बजट हमारी यात्रा के अगले स्तर का प्रतिनिधित्व करता है. यह गति बढ़ाने और युवाओं को बदलती दुनिया के अवसरों के लिए तैयार करने के लिए बनाया गया है." उनके मुताबिक सरकार की नीति केवल तात्कालिक फायदे पर नहीं बल्कि लंबे समय की योजना पर आधारित है.
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पीएम मोदी ने आगे कहा, "हमारा राष्ट्रीय चरित्र चुनौतियों के समय भी दिखा है और हम कठिन परिस्थितियों में भी वृद्धि का उजला केंद्र बने हुए हैं." लाल किले से दिए संदेश को याद करते हुए उन्होंने कहा, "जो भावना पहले केवल सरकार तक सीमित थी, वह अब पूरे समाज का संकल्प बन चुकी है. देश में नया आत्मविश्वास है."
पीएम मोदी ने कहा, "हम तैयार हैं"
विकसित भारत के लक्ष्य पर उन्होंने कहा, "यह मजबूरी से पैदा हुआ मौका नहीं है. यह तैयारी और प्रेरणा से जन्मा वह क्षण है जब हम कह सकते हैं कि हम तैयार हैं." उन्होंने यह भी जोड़ा, "यह सदी के दूसरे चरण का पहला बजट है और 2014 से मिली उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए अगले पच्चीस वर्षों की दिशा तय करता है."
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पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी पर भी की बात
खर्च और विकास पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "उत्पादक खर्च हमारी सरकार की पहचान रहा है. ढांचे और पूंजी निवेश पर जोर भविष्य की वृद्धि, रोजगार और क्षमता का आधार बनता है, न कि अल्पकालिक लोकलुभावन उपाय." उन्होंने बताया कि पुराने ढांचे तेजी से बढ़ते देश की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकते और इसलिए हवाई अड्डों, सड़कों, रेल मार्गों और कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है.
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