प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वह तमिलनाडु दौरे से आज रात दिल्ली लौटेंगे और राजधानी पहुंचने के तुरंत बाद इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री का दिल्ली आगमन रात करीब 9:30 बजे होगा जिसके बाद सीसीएस की मीटिंग आयोजित की जाएगी.
क्या होता है CCS
सीसीएस यानी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी सरकार की एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समिति है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं. यह समिति देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और सुरक्षा पर होने वाले व्यय जैसे अहम विषयों पर चर्चा कर फैसले लेती है. इसमें प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री सदस्य के रूप में शामिल होते हैं.
संविधान में इस समिति का उल्लेख नहीं है, इसलिए इसे अतिरिक्त-संवैधानिक (एक्स्ट्रा-कॉन्स्टिट्यूशनल) बॉडी माना जाता है हालांकि, औपचारिक संवैधानिक दर्जा न होने के बावजूद यह सरकार की कार्यप्रणाली का एक अहम हिस्सा है. ऐसी समितियों का गठन इसलिए किया जाता है ताकि पूरी कैबिनेट पर काम का दबाव कम हो और जरूरी या आपात मुद्दों पर त्वरित निर्णय लिए जा सकें.
इस समिति के सदस्यों का चयन प्रधानमंत्री करते हैं. वो तय करते हैं कि किन मंत्रियों को शामिल किया जाए और प्रत्येक समिति का कार्यक्षेत्र क्या होगा. आम तौर पर इन समितियों में सदस्यों की संख्या सीमित रहती है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है. सामान्यतः किसी भी कैबिनेट कमेटी में तीन से आठ सदस्य होते हैं. प्रायः इसके सदस्य कैबिनेट मंत्री ही होते हैं, हालांकि कुछ परिस्थितियों में बाहरी व्यक्तियों को भी शामिल किया जा सकता है.
अशोक सिंघल