'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट अस्वीकार्य', लोकसभा से पीएम मोदी का दुनिया को बड़ा मैसेज

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस, उर्वरक और कई ज़रूरी चीज़ें आती हैं. जब से युद्ध शुरू हुआ है, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही बहुत मुश्किल हो गई है. इसके बावजूद, हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि पेट्रोल, डीज़ल और गैस की सप्लाई पर ज़्यादा असर न पड़े.

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लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर PM मोदी का संबोधन. (Photo: ITG) लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर PM मोदी का संबोधन. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:54 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग और पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में बयान दिया है. पीएम मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते हैं और वहीं कार्यरत हैं. इस मुद्दे पर संसदीय आम सहमति होना महत्वपूर्ण है. मैंने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है. हमारे सभी मिशन प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों की मदद करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. 

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पीएम मोदी ने संसद में बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से 3,75,000 से अधिक भारतीय वापस लौट चुके हैं. ईरान से लगभग 1,000 भारतीय वापस लौटे हैं, इनमें से कई मेडिकल के छात्र हैं. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट स्वीकार्य नहीं है. 

प्रधानमंत्री मोदी ने जंग में अहम बन चुके स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की चर्चा करते हुए कहा कि कच्चे तेल, गैस, उर्वरक और ऊर्जा के कई अन्य स्रोतों का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता है और इस मार्ग के अवरुद्ध होने के बावजूद हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी जरूरतें पूरी होती रहें. पीएम मोदी ने कहा कि बातचीत की वजह से हमारे कई जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे थे, उन्हें वहां से बाहर निकलने दिया गया था. 

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पीएम ने कहा कि कच्चे तेल, गैस, उर्वरक और ऊर्जा के कई अन्य स्रोतों का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आता है, और इस मार्ग के अवरुद्ध होने के बावजूद हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी जरूरतें पूरी होती रहें.

पीएम मोदी ने कहा, "हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस, उर्वरक और कई ज़रूरी चीज़ें आती हैं. जब से युद्ध शुरू हुआ है, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही बहुत मुश्किल हो गई है. इसके बावजूद, हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि पेट्रोल, डीज़ल और गैस की सप्लाई पर ज़्यादा असर न पड़े."

उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि हम सभी जानते हैं, देश अपनी LPG की 60% ज़रूरत आयात से पूरी करता है. सप्लाई में अनिश्चितता के कारण, सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। साथ ही, LPG का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है."

होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट स्वीकार्य नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने इस जंग से जुड़े पक्षकारों को संदेश देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में अवरोध स्वीकार नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. और उन्होंने स्वयं भी पश्चिम एशिया के नेताओं से बात की है. और तनाव कम करने और संघर्ष खत्म करने की अपील की है. 

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पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश देते हुए कहा कि भारत ने नागरिकों, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है. कमर्शियल जहाजों पर हमला, और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है. 

पीएम मोदी ने कहा,  "भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है. भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है. बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है. हमारे हर प्रयास तनाव को कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए है.  इस युद्ध में किसी भी संकट मानवता के हित में नहीं है. इसलिए भारत का प्रयास सभी पक्षों को शांति पूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने की है."  

लोग झूठ फैलाना चाहेंगे

पीएम ने कहा कि इस जंग का असर लंबे समय तक रहेगा. इसलिए हमें एकजुट रहने की आवश्यकता है. हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाना चाहेंगे, ऐसे लोगों को सफल नहीं होने देना है. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा हमारी अर्थव्यवस्था की ज़रूरत है और पश्चिम एशिया हमारी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने का सबसे बड़ा स्रोत है. 
हम इस युद्ध के प्रभावों को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. हम सभी क्षेत्रों के हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में हैं, और प्रभावित क्षेत्रों को ज़रूरी सहायता प्रदान कर रहे हैं. 

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