बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस टीम ने उन्हें मंदिरी स्थित आवास से कई घंटे की मशक्कत के बाद हिरासत में लिया और पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई. गिरफ्तारी के बाद उन्हें IGIMS अस्पताल लाया गया, जहां बताया गया कि उन्हें लंबे समय तक स्ट्रेचर लेटाया गया और बेड उपलब्ध नहीं कराया गया. बाद में उन्हें आगे की जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी करीब तीन दशक पुराने मामले से जुड़ी है. यह केस गर्दनीबाग थाने में वर्ष 1995 में दर्ज हुआ था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लेकर सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया और यह तथ्य किराए के समय छुपाया गया.
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अदालत में लगातार पेश नहीं होने के कारण पहले गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, फिर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया. इसके बाद भी पेशी नहीं होने पर कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश दिया और कार्रवाई तेज हो गई.
पप्पू यादव का पुलिस पर आरोप
गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका थी कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. उनका कहना था कि वे सीधे कोर्ट जाएंगे और पुलिस स्टेशन नहीं जाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई और उन्हें लगा जैसे अपराधियों की तरह व्यवहार किया जा रहा हो.
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तीन दशक पुराने मामले पर पप्पू यादव हुए अरेस्ट
फिलहाल पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले गई है. करीब तीन दशक पुराने इस विवाद में हुई ताजा कार्रवाई को राज्य की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है और मामले पर सभी की नजर बनी हुई है.
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