देश के सबसे भरोसेमंद सर्वे 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) के ताजा आंकड़े जारी कर दिए गए हैं. यह सर्वे इंडिया टुडे और सी-वोटर की ओर से देश का मिज़ाज जाने के लिए किया गया. 8 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 के बीच किए गए इस सर्वे का सैंपल साइज 36 हज़ार से अधिक है. यह सर्वे भारत के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य समझने के लिए किया गया है.
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा समय में देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है, जबकि NDA सरकार की सबसे बड़ी विफलता महंगाई को माना जा रहा है. आम आदमी की रोजमर्रा की चिंताएं अब भी रोजगार, कीमतों में बढ़ोतरी और किसानों की बदहाली के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही हैं. इसके अलावा सर्वे में लोगों से एनडीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों के बारे में भी पूछा गया.
देश की सबसे बड़ी समस्या क्या?
सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि इस वक्त देश की सबसे बड़ी समस्या क्या है, तो 26 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को सबसे ऊपर रखा. इसके बाद 13 फीसदी लोगों ने मूल्य वृद्धि और महंगाई को गंभीर समस्या बताया. वहीं 8 फीसदी लोगों ने किसानों की बदहाली, 6 फीसदी ने पारिवारिक आय और गरीबी, जबकि 5-5 फीसदी लोगों ने भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा को बड़ी समस्या के तौर पर चिन्हित किया.
एनडीए सरकार की उपलब्धियां
16 फीसदी लोगों ने राजनीतिक स्थिरता को एनडीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया. वहीं 12 फीसदी लोगों ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ कोरिडोर को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया. 9 फीसदी लोगों के मुताबिक ढांचागत विकास और भ्राष्टाचार मुक्त गवर्नमेंट एनडीए की केंद्र सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है. 7 फीसदी लोगों के मुताबिक धारा 370 का खात्मा और कल्याणकारी योजनाएं सरकार की बड़ी उपलब्धि है.
एनडीए सरकारी की विफलता क्या?
वहीं NDA सरकार की विफलता को लेकर पूछे गए सवाल में भी जनता की नाराजगी खुलकर सामने आई. सर्वे के मुताबिक 20 फीसदी लोगों ने महंगाई को NDA सरकार की सबसे बड़ी विफलता माना. इसके बाद 17 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी, जबकि 9 फीसदी ने बेकाबू आतंकवाद और 9 फीसदी ने आर्थिक विकास को सरकार की बड़ी कमजोरी बताया. इसके अलावा 5 फीसदी लोगों ने सांप्रदायिक हिंसा और अल्पसंख्यकों में भय, जबकि 3 फीसदी ने महिला सुरक्षा को विफलता की श्रेणी में रखा.
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