'मुआवजे के पैसे से नहीं लौटेंगे मेरे पोता-पोती', मणिपुर में मारे गए दो बच्चों की दादी का दर्द

मणिपुर में दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद गुस्सा और दर्द चरम पर है. बच्चों की दादी ने मुआवजा ठुकराते हुए कहा कि पैसों से बच्चों की भरपाई नहीं हो सकती. परिवार ने 5 दिन के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. घटना के बाद मां गहरे सदमे में है, जबकि पूरे राज्य में लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

Advertisement
पीड़ित परिवार ने सरकार के हालात सामान्य होने वाले दावे को भी खारिज किया (Photo- ITG) पीड़ित परिवार ने सरकार के हालात सामान्य होने वाले दावे को भी खारिज किया (Photo- ITG)

बेबी शिरीन

  • इंफाल,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:01 PM IST

मणिपुर के त्रोंग्लाओबी गांव में दो मासूम बच्चों की नृशंस हत्या के बाद पूरे राज्य में शोक और आक्रोश का माहौल है. पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से त्वरित न्याय और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. बच्चों की दादी ओइनाम ओंगबी लोइदांग ने बेहद भावुक अपील करते हुए किसी भी तरह के मुआवजे को साफ तौर पर ठुकरा दिया. 

उन्होंने कहा, 'मुझे पैसे नहीं चाहिए. पैसे से मेरे पोता-पोती नहीं लौटेंगे.' रोते हुए उन्होंने सवाल उठाया, 'उनकी क्या गलती थी? वे इतने छोटे थे कि दुनिया को समझ भी नहीं पाए थे.'

Advertisement

इंफाल के राज मेडिसिटी में मीडिया से बात करते हुए लोइदांग ने कहा कि इस जघन्य हत्या के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें पांच दिन के अंदर गिरफ्तार किया जाए. उनका यह बयान स्थानीय लोगों में बढ़ते गुस्से और असुरक्षा की भावना को दर्शाता है.

उन्होंने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य में हालात सामान्य हो रहे हैं. लोइदांग ने कहा, 'अगर शांति लौट रही है तो ऐसा क्रूर अपराध कैसे हो सकता है? यह हिंसा कब खत्म होगी? अगला शिकार कौन होगा?'

इस दर्दनाक घटना का सबसे ज्यादा असर बच्चों की मां पर पड़ा है, जो इस समय गहरे मानसिक सदमे में हैं. परिवार के अनुसार, उन्हें अपने बच्चों की मौत की जानकारी आज सुबह एक न्यूज रिपोर्ट के जरिए मिली. तब से उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. लोइदांग ने बताया, 'वह बार-बार बेहोश हो रही हैं और हमसे अपने बच्चों को वापस लाने की जिद कर रही हैं. वह उन्हें देखना चाहती हैं और हमसे नाराज हैं कि हमने उन्हें पहले क्यों नहीं बताया.'

Advertisement

परिवार ने कहा कि उनकी इस हालत को देखना बेहद मुश्किल है और वे समझ नहीं पा रहे कि उन्हें कैसे संभालें.

इस घटना के बाद पूरे में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. कई सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके.

बता दें कि हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर में उग्रवादी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं. बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी गांव में कुकी उग्रवादियों ने 6 और 7 अप्रैल की रात करीब एक बजे एक घर पर बम से हमला कर दिया. इस हमले में पांच साल के एक बच्चे और छह माह की एक बच्ची की जान चली गई. जिस समय बम हमला हुआ, महिला अपने दोनों बच्चों के साथ घर में सो रही थी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement