'वे इस्लाम को सबसे पहले रखते हैं...', ट्रंप की करीबी लौरा लूमर ने जोहरान और इल्हान उमर पर बोला जोरदार हमला

डोनाल्ड ट्रंप की वफादार लौरा लूमर ने जोहरान ममदानी, इल्हान उमर और रशीदा तालिब जैसे मुस्लिम-अमेरिकी राजनेताओं पर जोरदार हमला किया है और कहा है कि अमेरिका से पहले इस्लाम को रखते हैं. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए इस दक्षिणपंथी पॉलिटिकल एक्टिविस्ट ने कहा कि डेमोग्राफी ही किसी देश का भाग्य तय करती है.

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लौरा लूमर अमेरिका की दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता हैं. (Photo: ITG/Arun Kumar) लौरा लूमर अमेरिका की दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता हैं. (Photo: ITG/Arun Kumar)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:13 PM IST

उग्र दक्षिणपंथी विचारों की पैरोकार और ट्रंप की समर्थक लौरा लूमर ने इस्लाम, पाकिस्तान, आतंकवाद पर इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में बेबाकी से अपनी राय रखीं. उन्होंने साफ साफ कहा कि अमेरिका में मुसलमानों को सार्वजनिक पद पर नहीं होना चाहिए. लौरा लूमर ने मिनेसोटा की नेता इल्हान उमर, न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी, मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन और मिशिगन की प्रतिनिधि रशीदा तालिब जैसे नेताओं की आलोचना की. लौरा लूमर ने कहा कि मुस्लिम राजनेता "हर चीज में इस्लाम को सबसे आगे और केंद्र में रखते हैं."

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लौरा लूमर अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीति की एक विवादास्पद लेकिन प्रभावशाली एक्टिविस्ट हैं, उनकी पहचान उग्र राजनीतिक अभियानों, सोशल मीडिया विवादों और ट्रंप के सपोर्टर के तौर पर है. लौरा का दावा है कि ट्रंप उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करते हैं. 

खुद को Proud Islamophobe बताने वाली लौरा लूमर ने कहा, "हम इस बात पर पर्दा नहीं डाल सकते कि इस्लामी विचारधारा क्या सिखाती है. मेरी राय में यह एक 'Death cult' है. और मुझे पता है कि मेरी इस बात से कुछ लोगों को बुरा लग सकता है. खासकर तब, जब भारत में 20 करोड़ से ज़्यादा मुसलमान रहते हैं. लेकिन मेरा मानना ​​है कि इस्लाम दुनिया के लिए एक 'कैंसर' की तरह है. हमारे देश संयुक्त राज्य अमेरिका के सामने सबसे बड़ा खतरा, और पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ा खतरा, इस्लाम और इस्लामी खिलाफत ही है."

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लौरा लूमर ने कहा कि आबादी का संतुलन ही किसी राष्ट्र का भाग्य तय करता है. 

लूमर ने कहा कि जब अमेरिका में मुसलमान किसी पद पर होते हैं, चाहे वह इल्हान उमर हों, रशीदा तालिब हों, कीथ एलिसन हों या ज़ोहरान ममदानी, ये हर चीज में इस्लाम को सबसे आगे रखते हैं.  उन्होंने नियम बदल दिए. अमेरिकी कांग्रेस में हमारा एक पुराना नियम था कि सिर ढकने की मनाही थी, और अब कांग्रेस में हिजाब पहना जाता है. 

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लौरा लूमर ने पश्चिम एशिया में व्याप्त संकट की चर्चा करते हुए कतर का जिक्र किया और कहा कि जब 7 अक्तूबर को इजरायल में हमला हुआ था तो कतर हमास के आतंकियों को शाही ट्रीटमेंट दे रहा था. 

लौरा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी बरसीं. उन्होंने कहा कि ओबामा खुफिया एजेंसियों और FBI को कहा कि वे 'इस्लामिक आतंकवाद' शब्द का इस्तेमाल न करे. वे मुसलमानों से सहानुभूति रखते थे क्योंकि उनका नाम बराक हुसैन ओबामा था. और उन्होंने उन्हें व्हाइट हाउस में आने दिया. 

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उन्होंने हमारे देश में इस्लामी माइग्रेशन की अनुमति दी जिससे मुस्लिम आप्रवासियों की बाढ़ आ गई है, जो अब भयानक अपराध कर रहे हैं और समाज में मिलने-जुलने से इनकार कर रहे हैं. यूरोप में जो कुछ हो रहा है, वही अब संयुक्त राज्य अमेरिका में भी हो रहा है. 

कार्यक्रम के दौरान इस्लाम पर अपने उग्र विचारों को जाहिर करते हुए लौरा ने कहा कि सच कहूं तो मैं इसे धर्म भी नहीं मानती; मैं इसे एक राजनीतिक विचारधारा कहती हूं, जिसका मुख्य मकसद उन लोगों को खत्म करना है जो इसमें विश्वास नहीं रखते. और यह एक खतरा है. यह सबसे बड़ा खतरा है. आपके देश में ऐसे लोगों का होना, जो यहां के समाज में घुलने-मिलने से इनकार कर देते हैं. यह अपने आप में एक खतरा है.

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