छात्राओं के स्वास्थ्य पर कर्नाटक सरकार का फोकस, सेनेटरी नैपकिन योजना को 51.35 करोड़ की मंजूरी दी

कर्नाटक सरकार ने 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन और मेंस्ट्रुअल कप उपलब्ध कराने के लिए 51.35 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इससे क़रीब 19.64 लाख छात्राओं को लाभ मिलेगा.

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कर्नाटक में स्कूल छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन वितरण योजना को मिली मंजूरी  (Photo: Getty) कर्नाटक में स्कूल छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन वितरण योजना को मिली मंजूरी (Photo: Getty)

नागार्जुन

  • बेंगलुरु,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:37 PM IST

कर्नाटक सरकार ने छात्राओं के मेंस्ट्रुअल हाइजीन को मजबूत करने के लिए एक बेहद अहम फैसला लिया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 51.35 करोड़ रुपये की राशि सेनेटरी नैपकिन पैड और मेंस्ट्रुअल कप की खरीद और वितरण के लिए मंजूर की गई है. यह योजना कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के तहत लागू की जाएगी.

सरकारी आदेशों के अनुसार, सेनेटरी नैपकिन की खरीद कर्नाटक राज्य चिकित्सा आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से की जाएगी. इन पैड्स को सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों में पढ़ने वाली छात्राओं को बांटा जाएगा. यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रभावी होगी. इससे लगभग 19.64 लाख छात्राओं को लाभ मिलेगा जो कक्षा 6 से 10 और प्री-यूनिवर्सिटी स्तर में पढ़ रही हैं.

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इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है ताकि उनकी स्कूल उपस्थिति बनी रहे और वे पढ़ाई में पीछे न रहें. शुरुआती बजट 71.83 करोड़ रुपये था, जिसमें से 51.35 करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी मिली है. 

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इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी स्वीकृत की गई है, जिससे तीन महीने तक आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित हो सके.

कर्नाटक सरकार ने यह पहल छात्राओं के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को बेहतर बनाने के लिए एक अहम कदम माना है. पहले भी राज्य सरकार ने छात्रों के भले के लिए कई योजनाएं चलाई हैं. इस नई योजना के तहत मेंस्ट्रुअल हाइजीन को सामान्य बनाना और शिक्षा में लैंगिक बाधाओं को कम करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है. अधिकारियों का मानना है कि इससे छात्राओं की जागरूकता बढ़ेगी और उनको पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी. 

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