केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेल के विकास को नई दिशा देने के लिए 18,509 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 3 बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं के तहत दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को जोड़ा जाएगा.
इससे भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की नई लाइनों का विस्तार होगा. कसारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होसपेट मार्गों पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा, जिससे रेल यातायात का सफर आसान बन सकेगा.
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इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आसान यात्रा का अनुभव देना है. पीएम गति शक्ति योजना के लक्ष्यों के अनुरूप यह कदम मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. इससे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों जैसे त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, वैष्णो देवी, हम्पी और बल्लारी किला तक पहुंचना आसान हो जाएगा. रोजगार के लिए से भी यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है.
साथ ही, इस परियोजना की मदद से करीब 3,902 गांवों की लगभग 97 लाख आबादी को बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी.
इन परियोजनाओं को साल 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह खास कदम न केवल भारतीय रेल की क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि देश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक विकास में भी बड़ा योगदान देने वाला है.
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