भारत-अमेरिका के बीच कहां पहुंची ट्रेड डील पर बातचीत? वाणिज्य सचिव ने दिया बड़ा अपडेट

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि तमाम अटकलों के बावजूद भारत और अमेरिका दोनों ही इस डील को लेकर प्रतिबद्ध हैं. राजेश अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर 2025 में भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हुई थी.

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वाणिज्य सचिव ने कहा कि दोनों पक्षों को उम्मीद है कि सकारात्मक नतीजा निकलेगा. (File Photo- ITG) वाणिज्य सचिव ने कहा कि दोनों पक्षों को उम्मीद है कि सकारात्मक नतीजा निकलेगा. (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर बातचीत लगातार जारी है और दोनों पक्षों को इस बात की उम्मीद है कि इस दिशा में सकारात्मक नतीजा निकलेगा. यह जानकारी वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को दी. उन्होंने साफ कहा कि तमाम अटकलों के बावजूद भारत और अमेरिका दोनों ही इस डील को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वाणिज्य सचिव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “दोनों पक्ष ट्रेड डील पर बातचीत में जुटे हुए हैं और दोनों को लगता है कि एक समझौता संभव है.” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिका द्वारा ऊंचे टैरिफ लगाए जाने के बावजूद भारत का अमेरिका को निर्यात सकारात्मक रुझान दिखा रहा है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है.

राजेश अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर 2025 में भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हुई थी. इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जैमीसन ग्रीर के बीच एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई.

बता दें कि इसके अलावा, अमेरिका के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर कर रहे थे, ने 10 दिसंबर 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी. इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका के डिप्टी USTR रिक स्विट्जर भी शामिल थे. इसके अगले दिन, 11 दिसंबर 2025 को इसी अमेरिकी टीम ने वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल से वाणिज्य भवन में बैठक कर बातचीत को आगे बढ़ाया.

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वाणिज्य सचिव ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले अधिकांश उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाया है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक माना जा रहा है. इसके बावजूद भारत के निर्यात में गिरावट नहीं आई है, बल्कि कई क्षेत्रों में निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बातचीत के विफल होने की अटकलें निराधार हैं. अग्रवाल ने कहा, “दोनों पक्ष लगातार संपर्क में हैं और समझौते को अंतिम रूप देने के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं.”

गौरतलब है कि अमेरिका भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूत करने के लिए यह प्रस्तावित ट्रेड डील बेहद अहम मानी जा रही है. यदि यह समझौता होता है, तो इससे न केवल भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को भी नई मजबूती मिलेगी.

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