हेल्थगीरी अवॉर्ड्स के विजेता सच्चे हीरो और नए भारत के असल चैम्पियन हैं: अरुण पुरी

गांधी जयंती के अवसर पर 'इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगीरी अवॉर्ड्स' वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर आयोजित क‍िया गया. ज‍िसके जरिए देशभर के कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया गया. इस मौके पर इंड‍िया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी ने कोरोना वॉरियर्स को देश का सच्चा हीरो बताया.

Advertisement
इंड‍िया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी ने कोरोना वॉरियर्स को बताया देश का सच्चा हीरो इंड‍िया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी ने कोरोना वॉरियर्स को बताया देश का सच्चा हीरो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 7:13 PM IST
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की सफाईगीरी कार्यक्रम की तारीफ
  • देश के स्वास्थ्यतंत्र की उपलब्धियों की सराहना करनी होगी: अरुण पुरी
  • कोविड-19 की चुनौती से निपटना अब भी एक मुश्किल लक्ष्य: अरुण पुरी

इंडिया टुडे सफाईगीरी सम्मेलन और अवॉर्ड्स के छठे संस्करण में अपने संबोधन के दौरान इंड‍िया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी ने कहा कि साल 2014 से ही इस अवॉर्ड का आयोजन करना हमारे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है. उन्होंंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया टुडे ग्रुप को और उन्हें स्वच्छ भारत के दूत के रूप में नामित किया था.

Advertisement

उन्होंने कहा कि इस कोरोना की नई दुनिया में हम इस आयोजन को वर्चुअली कर रहे हैं. हम इस वायरस के सामने खुद को पस्त नहीं होने देंगे. हम सबको उम्मीद के साथ जीना चाहिए न कि भय के साथ. जैसा कि आप सब जानते हैं, दुनिया करीब एक साल से कोरोना महामारी से जूझ रही है. हाल के इतिहास की बात करें तो यह दुनिया का ऐसा सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकट है, जिसका सामना हमें करना पड़ा है.

इंड‍िया टुडे ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, ''दुनियाभर में कोविड- 19 के 3.4 करोड़ से ज्यादा पुष्ट मामले हो चुके हैं और 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना वायरस के प्रसार पर अंकुश के लिए भारत में देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने के बाद आज 192 दिन हो चुके हैं. अभी तक भारत में कोविड- 19 के 63 लाख से ज्यादा पुष्ट मामले आ चुके हैं और करीब 98,000 लोगों की मौत हो चुकी है. किसी देश में संक्रमण की संख्या के मामले में हम अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं. अच्छी खबर यह है कि हमारे देश में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है और अब यह 83.5 फीसदी हो चुका है." 

Advertisement

उन्होंने कहा कि भारत के लिए और अच्छी बात यह है कि यहां दूसरे देशों के मुकाबले मृत्यु दर भी काफी कम है.आज एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि हमने स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य की नए सिरे से कल्पना की है. कोविड- 19 की चुनौती से निपटना अब भी एक मुश्किल लक्ष्य बना हुआ है. इसीलिए इस साल हमने सफाईगीरी अवॉर्ड्स को हेल्थगीरी अवॉर्ड्स का नाम दिया है.

अरुण पुरी ने कहा, "इस महामारी के पहले हमारे देश में स्वास्थ्यतंत्र की जो हालत थी उसे देखते हुए इन उपलब्धियों की सराहना करनी होगी. कई तरह के झटकों (व्यक्तिगत और पेशेवर मोर्चे पर) के बावजूद, लगातार लॉकडाउन और अन्य अंकुशों के बाद भी इन लोगों ने खुद को और दूसरों को प्रोत्साहित रखा ताकि व्यापक समाज की भलाई के लिए पहल की जाए, नए तरीके अपनाए जाएं और ऊर्जावान रहते हुए काम किया जाए."

अपनी बात को जारी रखते हुए अरुण पुरी ने कहा, "हम सबने हजारों शहरी प्रवासी कामगारों को अपने परिवार और मामूली सामान के साथ गांव लौटने के लिए जूझने के हृदयविदारक दृश्य देखे हैं. हमारे देश के बहुत से स्त्री-पुरुष अक्सर उनकी पीड़ा को दूर करने के लिए उठ खड़े हुए हैं. भारत ने जान और जहान की लड़ाई लड़ी है. समन्वित राष्ट्रव्यापी पहल शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर सार्वजनिक और निजी अस्पताल इस चुनौती से निपटने के लिए खड़े हो गए. राष्ट्रीय संस्थाओं ने निदान और जांच के लिए प्रोटोकॉल तैयार किये और उनमें बदलाव भी करते रहे. सरकारी संस्थाएं जमीनी सच्चाई में बदलाव, राहत देने वाली दवाओं, वेंटिलेटर और उपकरणों के बारे में लगातार सचेत रहे."

Advertisement

कोरोना काल में किए गए लोगों के काम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, "कई कंपनियों ने स्वदेशी टेस्ट किट और अन्य मेडिकल उपकरण विकसित किए, जो ऐसे आयातित किट के मुकाबले काफी सस्ते हैं. स्वयंसेवी संस्थाओं ने जरूरतमंद लोगों को राशन से लेकर मास्क-सैनिटाइजर पहुंचाने जैसी कई तरह की सेवाएं देकर लोगों को एकजुट करने का काम किया. इन सभी बेहतरीन लोगों और संस्थाओं ने ऐसे काम करते समय कभी नहीं यह सोचा होगा कि उन्हें इसके लिए सम्मानित किया जाएगा.''

उन्होंने कहा, ''मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम उनके इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए अवॉर्ड दे रहे हैं. मैं इस अवसर पर यह भी कहना चाहूंगा कि इंडिया टुडे ने इस महामारी से निपटने में योगदान दिया है, विचारों को प्रभावित कर और वास्तविक काम करके, दोनों तरीकों से. केअर टुडे फाउंडेशन ने आवश्यक राशन और दवाइयों का वितरण किया है, जब लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत थी और जहां इनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. हमारे रिपोर्टर्स ने रिपोर्टिंग के अपने कर्तव्य को निभाने के साथ ही सहायता सामग्री का वितरण किया. हम इस बात से भी काफी सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे इस पहल पर इंडिया टुडे ग्रुप को एक विशेष संदेश भेजा है, जिसे आप सभी को जल्दी ही दिखाया जाएगा. इन प्रोत्साहनपरक शब्दों के लिए धन्यवाद, प्रधानमंत्री जी."

Advertisement

अरुण पुरी ने आगे कहा, "जैसा कि हम सब जानते हैं कि महामारी अभी भी हम सबके बीच है. हम जब इन योगदानों को सेलिब्रेट कर रहे हैं, सरकार और हमारे व्यापक स्वास्थ्य नेटवर्क से जुड़े लोग लगातार बदलती जमीनी हालात का सामना कर रहे हैं और इस वायरस से निपटने के लिए उन्हें नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ रही है.''

इंड‍िया टुडे ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि दुनियाभर में इस महामारी से निपटने की प्रभावोत्पादकता तीन कारकों पर निर्भर करती है. पहला, किसी देश में शासन की गुणवत्ता, जिसमें उस देश की स्वास्थ्य सेवाओं की दशा भी शामिल है और सरकार किस गंभीरता से इस महामारी से निपट रही है. आप यह देख सकते हैं कि किस तरह से दुनियाभर में सरकारें तो इससे निपट रही हैं, लेकिन नतीजे अलग-अलग दिख रहे हैं.

दूसरा, किसी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती. इस महामारी से निपटने के लिए किसी देश की सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र और राहत कार्यों में कितना धन खर्च किया है? लॉकडाउन और संक्रमण के जोखिम ने बहुत से कारोबार और जीविका को भारी नुकसान पहुंचाया है. एक मजबूत अर्थव्यवस्था किसी मजबूत देश की बुनियाद होती है.

तीसरा, नागरिक समाज का व्यवहार- वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकारी निर्देशों के पालन में लोग कितने अनुशासित हैं? लोग एक-दूसरे की मदद करने को कितने इच्छुक हैं? हमारे देश ने बहुत कम समय में ही स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के जबरदस्त कदम उठाये हैं. लेकिन इस महामारी ने हमें यह आभास कराया है कि हमारे स्वास्थ्यतंत्र में कितनी खामी है. हमें इस पर अभी और खर्च करने की जरूरत है.

Advertisement

अरुण पुरी ने कहा कि महामारी से पहले ही हमारी अर्थव्यवस्था मुश्किल में चल रही थी और कोविड-19 ने इसे और पीछे धकेल दिया. हालांकि, इसमें सुधार के अब कुछ संकेत दिख रहे हैं, लेकिन अब हमें वहां तक पहुंचने के लिए भी काफी चलना होगा, जहां हम पहले थे. शायद यह साहसिक सुधारों के लिए अच्छा समय है. सरकारी निर्देश के बाद अक्सर नागरिक, समाज के लिए आगे आए हैं और उन्होंने वंचितों की मदद की है. कोविड-19 के खतरों को लेकर जागरूकता काफी ज्यादा है, लेकिन अड़चनें भी कई हैं, क्योंकि हमारी जनसंख्या का एक बहुत बड़ा वर्ग दीनहीन अवस्था में जीवन गुजार रहा है.

उन्होंने कहा, "हम सब यह जानते हैं कि मोदी सरकार अब तक की सबसे मेहनती सरकार है और यह कोविड-19 की चुनौतियों से निपटने के लिए सभी मोर्चों पर काम कर रही है. आदरणीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से बेहतर यह और कौन जान सकता है? जो देश में कोविड-19 से लड़ाई के अग्रिम मोर्चे पर रहे हैं. डॉ. हर्षवर्धन खुद सही मायने में एक हेल्थ प्रोफेशनल हैं. उन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी के गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कॉलेज से मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. वह संसद में चांदनी चौक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. संयोग से इस साल मई में ही उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड का चेयरपर्सन चुना गया है."

Advertisement

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के काम की तारीफ करते हुए अरुण पुरी ने कहा, "एक मंत्री के रूप में वह कोविड-19 की चुनौती से निपटने में खुद लगे हुए हैं. नीतियां बनाने और उसके क्रियान्वयन के अलावा उन्हें अक्सर अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका मिलता है. वह लोगों से यह अनुरोध करते रहे हैं कि स्वास्थ्य के लिए सफाई जरूरी है और लोगों को अपनी सुरक्षा तथा संक्रमण को रोकने लिए निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए.''

अरुण पुरी ने कहा, ''डॉ. हर्षवर्धन, हमने हेल्थगीरी अवॉर्ड्स के विजेता का चुनाव ऑनलाइन पब्लिक नॉमिनेशन के द्वारा किया है. इसमें एक सर्वे से भी मदद ली गई है. इसका चुनाव करने वाली ज्यूरी में राज्यसभा की पूर्व सदस्य श्रीमती अनु आगा, टीमलीज सर्विसेज के चेयरमैन श्री मनीष सब्बरवाल, पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. श्रीनाथ रेड्डी, नारायण हेल्थ के फाउंडर चेयरमैन डॉ. देवी शेट्टी, मेदांता के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहन, वैक्सीन एक्सपर्ट डॉ. गगनदीप कांग, पीरामल ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन डॉ. स्वाति पीरामल और खुद मैं शामिल रहा हूं."

ज्यूरी में शामिल सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अरुण पुरी ने कहा, "मैं इन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इसके लिए समय निकाला. हमें इसके लिए जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और देशभर से 1,000 से ज्यादा नॉमिनेशन हासिल हुए. कुल 11 कैटेगिरी में से प्रत्येक के लिए पांच या छह नाम शॉर्टलिस्ट किए गए. विजेता का चुनाव ज्यूरी के द्वारा किया गया और एक स्वतंत्र रिसर्च एजेंसी MDRA से इसकी पुष्टि भी कराई गई.''

Advertisement

अंत में उन्होंने कहा कि मेरा यह मानना है कि आज के विजेता और हेल्थगीरी अवॉर्ड्स में हिस्सा लेने वाले सभी लोग सच्चे हीरो हैं और नए भारत के असल चैम्पियन हैं. उनके बेहतरीन काम को पहचान देना हमारे लिए सम्मान की बात है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement