एयरफोर्स के बाद नेवी का मिशन ऑक्सीजन, विदेशों से मेडिकल सप्लाई लाने के लिए लगाए 9 वॉरशिप

भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों से तरल ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा आपूर्ति लाने के लिए नौ युद्धपोतों को तैनात किया है.

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दोहा में INS कोलकाता दोहा में INS कोलकाता

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2021,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST
  • नौसेना का 'ऑपरेशन समुंद्र सेतु II'
  • विदेश से लाए जा रहे हैं ऑक्सीजन टैंक

कोरोना के कारण उखड़ती सांसों को बचाने की कवायद जारी है. अब इंडियन एयरफोर्स के बाद नेवी ने मिशन ऑक्सीजन शुरू किया है. भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों से तरल ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा आपूर्ति लाने के लिए नौ युद्धपोतों को तैनात किया है.

नौसेना ने बुधवार को कहा कि मुंबई, विशाखापत्तनम और कोच्चि में तीनों नौसेना कमान के इन युद्धपोतों को ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा उपकरण लाने के लिए तैनात किया गया है. नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा कि 'ऑपरेशन समुंद्र सेतु II' के हिस्से के रूप में नौ युद्धपोतों की तैनाती की गई है. 

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steps up Ops: Nine Warships transporting , Medical Equipment from Abroad., the ship of Op arrived at port of New Mangalore in with 54 tons liquid oxygen from Bahrain embarked (1/n).

— SpokespersonNavy (@indiannavy)

कमांडर विवेक मधवाल ने कहा कि भारतीय नौसेना का जहाज बुधवार को बहरीन से दो 27 टन तरल ऑक्सीजन टैंकों को लेकर कर्नाटक के न्यू मंगलौर बंदरगाह में प्रवेश कर चुका है. इसी तरह INS कोलकाता, कुवैत से 27 टन ऑक्सीजन के दो टैंक, 400 ऑक्सीजन सिलेंडर और 47 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ रवाना हुआ है.

इसके अलावा चार युद्धपोत भी कतर और कुवैत से नौ 27 टन के ऑक्सीजन टैंक और इन देशों से 1500 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर लाने के लिए भेजे गए हैं. भारतीय नौसेना का जहाज ऐरावत आज 3,600 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर, आठ 27 टन (कुल 216 टन) ऑक्सीजन टैंक, 10,000 रैपिड एंटीजन किट और सात ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ सिंगापुर से रवाना हुआ.

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गौरतलब है कि पिछले साल भारतीय नौसेना ने वंदे भारत मिशन के तहत ऑपरेशन समुंद्र सेतु का शुभारंभ किया था, जिसके तहत मालदीव, श्रीलंका और ईरान में करीब 4,000 फंसे हुए भारतीयों को वापस लाया गया था. अब इसका मिशन के तहत विदेशों से मेडिकल आपूर्ति लाया जा रहा है.

जिन प्रमुख देशों ने भारत को सहायता देने की घोषणा की है, उनमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्समबर्ग, सिंगापुर, सऊदी अरब, पुर्तगाल, स्वीडन, न्यूजीलैंड, कुवैत और मॉरीशस शामिल हैं.

 

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