भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी, पेट्रोनेट LNG (PLNG.NS) ने संकेत दिया है कि यदि वाजिब कीमत पर LNG मिलती है तो तो भारत अमेरिका से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की खरीद बढ़ा सकता है. पेट्रोनेट के CEO ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वाशिंगटन से आयात बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है.
यह बयान ऐसे समय आया है जब Donald Trump ने हाल ही में भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% करने की घोषणा की. हालांकि इसके बदले वॉशिंगटन ने नई दिल्ली से अमेरिका से होने वाले वार्षिक आयात को दोगुना से अधिक करने की अपेक्षा जताई है.
2024-25 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 132 अरब डॉलर रहा, जिसमें लगभग 41 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष भारत के पक्ष में था.
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भारत के पास करीब 27,000 मेगावाट गैस आधारित बिजली उत्पादन क्षमता है, लेकिन सस्ती गैस की कमी के कारण संयंत्र अपनी क्षमता के एक-चौथाई से भी कम पर संचालित हो रहे हैं. सरकार ने 2030 तक ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी को मौजूदा लगभग 6% से बढ़ाकर 15% करने का लक्ष्य रखा है.
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा LNG आयातक है और उर्वरक, सिटी गैस, रिफाइनिंग और बिजली क्षेत्रों में बढ़ती मांग के चलते आने वाले वर्षों में खपत बढ़ने की संभावना है. पेट्रोनेट, जो वर्तमान में कतर और ऑस्ट्रेलिया से गैस खरीदती है, अधिक दीर्घकालिक समझौतों की संभावनाएं तलाश रही है. कंपनी अपने मौजूदा टर्मिनल की क्षमता बढ़ा रही है और पूर्वी तट पर नया आयात टर्मिनल भी विकसित कर रही है.
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