दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में हुए 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उन्हें मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) करार देते हुए पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. हालांकि, कोर्ट में कांग्रेस नेता की 7 दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की थी.
वहीं, कोर्ट द्वारा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद तिलक मार्ग थाना पुलिस ने अब उन्हें क्राइम ब्रांच की टीम को सुपुर्द कर दिया है, जहां से टीम कांग्रेस नेता को पूछताछ के लिए लेकर निकल गई है.
पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली की अदालत में दलील दी कि एआई समिट के दौरान विभिन्न राज्यों से आए प्रदर्शनकारियों को संगठित करने में चिब की मुख्य भूमिका थी. इस मामले की जांच के लिए आरोपी को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाने की जरूरत है.
पुलिस के अनुसार, जब अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि समिट में मौजूद थे, तब इन प्रदर्शनों को अंजाम दिया गया. ये गिरफ्तारी प्रदर्शनकारियों की पहचान और साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया के तहत की गई है.
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि एआई समिट के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे. उसी वक्त विभिन्न राज्यों से लोग इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन किया.
पुलिस का मानना है कि इस पूरी साजिश के पीछे उदय भानु चिब का हाथ है. जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी को उन ठिकानों पर ले जाना जरूरी है, जहां से अन्य लोग इस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे. पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना की गहराई से जांच आवश्यक है.
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु के दो फोन को भी जब्त कर लिया है. पुलिस का मानना है कि ये फोन कई बड़े राज का खुलासा कर सकते हैं.
इस मामले पर अब सियासी लड़ाई तेज हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उदय भानु की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार की तानाशाही बताया है. उन्होंने कहा है कि उम्मीद थी कि मोदी कुछ अच्छा करेंगे, लेकिन उन्होंने देश को बर्बाद करके रख दिया है.
हास्यास्पद है कस्टडी
उदय भानु चिब के वकील ने पुलिस कस्टडी की मांग का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने पुलिस की कस्टडी की मांग को हास्यास्पद बताया है. उन्होंने तर्क दिया कि चिब राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे.
वकील के अनुसार, चिब ने हमेशा जांच में सहयोग किया है और जब भी बुलाया गया, वे पेश हुए. बचाव पक्ष ने दलील दी कि पुलिस सिर्फ एक टी-शर्ट बरामद करने के लिए रिमांड मांग रही है जो कि अनुचित है. उन्होंने यह भी कहा कि चिब किसी के साथ संपर्क में नहीं थे और न ही उन्होंने कोई निर्देश जारी किए थे.
'भारत एक लोकतंत्र...'
अदालत में बहस के दौरान चिब के वकील ने कहा कि हर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान लोग विरोध करते हैं और भारत एक लोकतंत्र है, जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना की जाती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि चिब का उन लोगों के साथ कोई संबंध नहीं है जिन्होंने शर्ट उतारी थी.
वकील ने दलील दी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जबकि उन्होंने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है. हालांकि, कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कांग्रेस यूथ अध्यक्ष को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया.
15-20 घंटे लंबी पूछताछ
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को समन जारी कर पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया था, जहां तिलक मार्ग थाने में लगभग 15-20 घंटे की पूछताछ के बाद तड़के करीब 4:30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि चिब ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया और जांच को गुमराह करने की कोशिश की.
क्या है मामला
दरअसल, विभिन्न राज्यों से दिल्ली पहुंचे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तीखी नारेबाजी की और राजनीतिक संदेश देने वाली टी-शर्ट दिखाई थीं. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी QR कोड से रजिस्ट्रेशन कराकर एंट्री ली थी.
वहीं, पुलिस ने इस मामले में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यकर्ता समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनमें से पुलिस को 4 आरोपियों की 5 दिनों की कस्टडी मिल गई है.
संजय शर्मा / सृष्टि ओझा / मौसमी सिंह / हिमांशु मिश्रा