तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये गैंग चाय पत्ती में मिलावट करने के काले धंधे में शामिल था. ये लोग कम कीमत पर मिलावटी चाय पत्ती को स्थानीय होटलों, छोटी दुकानों और ढाबों पर सप्लाई करते थे. पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने उस ठिकाने पर छापेमारी की जहां मिलावटी चायपत्ती बनाई जा रही थी. इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में मिलावटी चाय पत्ती और इसे बनाने वाला सामान भी बरामद किया गया है. पुलिस को भारी संख्या में तैयार पैकेट, कच्चा माल और पैकिंग मशीनें मिलीं.
छापेमारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने नकली चाय पत्ती बनाकर भी दिखाई. इसके लिए उन्होंने सिंथेटिक कलर और गुड़ का रस जैसी चीजें इस्तेमाल कीं.
शुरुआती जांच में पता चला कि ये लोग असली और ब्रांडेड चाय पत्ती में घटिया दर्जे की चीजें मिलाते थे. मिलावट के लिए अक्सर इस्तेमाल की गई या एक्सपायर चाय पत्ती, सिंथेटिक कलर, गुड़ का रस और लकड़ी के बुरादे का इस्तेमाल किया जाता था.
आरोपी नामी कंपनियों के नकली पैकेट तैयार करते थे. इन पैकेटों में मिलावटी चाय भरकर बाजार में असली बताकर बेचा जाता था. ये लोग कम कीमत पर मिलावटी चाय पत्ती को स्थानीय होटलों, छोटी दुकानों और ढाबों पर सप्लाई करते थे.
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सेहत के लिए गंभीर खतरा है नकली चाय पत्ती
बता दें कि मिलावटी चाय पत्ती में इस्तेमाल होने वाले कृत्रिम रंग और रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं. इनसे पेट की बीमारियां, लिवर और किडनी पर बुरा असर और लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. इसके अलावा, लोहे के चूरे या भारी धातुओं की मिलावट से दांत खराब हो सकते हैं और शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं.
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