इस साल की सर्दी में हिमालय के पहाड़ों ने अब तक बहुत कम बर्फ देखी है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में जनवरी के बीच तक पहाड़ों पर बर्फबारी नाम की भी नहीं हुई. नदियों में पानी कम है, पर्यटन पर असर पड़ा है और किसानों-बागवानों को चिंता सता रही है लेकिन अब मौसम बदलने वाला है.
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज (19 जनवरी) से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है. इसके ठीक पीछे एक और ताकतवर विक्षोभ आ रहा है. दोनों स्ट्रांग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस लगातार आने वाले हैं, जिससे पहाड़ों पर भारी से भारी बर्फबारी होने की संभावना है.
हिमालय पर इस साल बर्फ कम क्यों पड़ी?
पिछले कई महीनों से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) कमजोर और कम संख्या में आ रहे थे. ये विक्षोभ भूमध्य सागर से आते हैं और हिमालय में बर्फ-बारिश लाते हैं. लेकिन इस बार ज्यादातर विक्षोभ उत्तर की ओर मुड़ जाते थे, इसलिए हिमालय सूखा रहा. जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 97% तक कमी, हिमाचल में 92% और उत्तराखंड में लगभग शून्य बर्फबारी दर्ज की गई. अब ये सूखा खत्म होने वाला है.
कब और कहां होगी भारी बर्फबारी?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 जनवरी से हल्की-मध्यम बर्फबारी शुरू होगी जो धीरे-धीरे तेज हो जाएगी. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में 20 से 24-25 जनवरी तक भारी बर्फ पड़ने की संभावना है. खासकर 23 जनवरी को अलग-थलग जगहों पर बहुत भारी बर्फबारी (heavy snowfall) का अलर्ट है.मनाली, शिमला, गुलमर्ग, कश्मीर घाटी, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फ की मोटी चादर बिछ सकती है. बर्फबारी न सिर्फ खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि नदियों-झीलों में पानी भी बढ़ाएगी, जो गर्मियों के लिए बहुत जरूरी है.
मैदानी इलाकों में क्या होगा?
पहाड़ों पर बर्फबारी का असर नीचे मैदानों तक पहुंचेगा. 23 जनवरी से 25 जनवरी तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के कुछ हिस्सों और बिहार में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. साथ ही घना कोहरा भी रहेगा, जिससे सुबह-शाम ठंड और बढ़ेगी.
यात्रा करने वालों को बरतनी होगी सावधानी
भारी बर्फबारी से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, पहाड़ी रास्ते बंद हो सकते हैं. ऐसे में लोगों के लिए सलाह है कि पहाड़ जाने वाले पर्यटक ट्रैफिक, सड़क बंद होने और ठंड से बचाव के लिए तैयार रहें.
आशुतोष मिश्रा