हाथरस कांड: कोर्ट ने देव प्रकाश मधुकर को 14 दिनों के लिए भेजा जेल, अगले हफ्ते पुलिस मांगेगी रिमांड

पुलिस ने मधुकर पर एक लाख रुपए का इनाम रखा था. गिरफ्तारी के बाद शनिवार को देव प्रकाश मधुकर की हाथरस कोर्ट में पेशी हुई जहां उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस सोमवार या मंगलवार को रिमांड के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन लगाएगी.

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हाथरस कोर्ट ने देव प्रकाश मधुकर को 14 दिनों के लिए जेल भेजा (फोटो- पीटीआई) हाथरस कोर्ट ने देव प्रकाश मधुकर को 14 दिनों के लिए जेल भेजा (फोटो- पीटीआई)

हिमांशु मिश्रा

  • लखनऊ,
  • 06 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

हाथरस भगदड़ कांड के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया था. शनिवार को उन्हें हाथरस कोर्ट ने 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया. एक दिन पहले देव प्रकाश मधुकर ने सरेंडर कर दिया था. 

पुलिस मांगेगी रिमांड

पुलिस ने मधुकर पर एक लाख रुपए का इनाम रखा था. गिरफ्तारी के बाद शनिवार को देव प्रकाश मधुकर की हाथरस कोर्ट में पेशी हुई जहां उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस सोमवार या मंगलवार को रिमांड के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन लगाएगी.

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हाथरस में बीते मंगलवार को हुए भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी. पुलिस प्रवचनकर्ता बाबा सूरजपाल के सेवादारों और सत्संग के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही है. इससे पहले 6 लोग पकड़े जा चुके हैं. अभी तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर फरार था, जिसे शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया. 

देव प्रकाश मधुकर था कार्यक्रम का मुख्य आयोजक

देव प्रकाश मधुकर ही हाथरस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था. इसके साथ ही वह बाबा का खास आदमी भी है. हादसे के बाद बाबा ने उसी से फोन पर काफी देर तक बात की थी. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भगदड़ की घटना के बाद से देव प्रकाश मधुकर घर नहीं लौटा था. उसके परिवार के सदस्य भी लापता हैं. 

मधुकर के बारे में कहा जाता है कि वह एक समय जूनियर इंजीनियर (JE) था लेकिन बाद में बाबा सूरजपाल का बड़ा भक्त बन गया. देव प्रकाश मधुकर का घर सिकंदरा राऊ इलाके के दामादपुरा की नई कॉलोनी में है.

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भोले बाबा का नहीं मिला कोई सुराग

हाथरस में सत्संग करने वाले भोले बाबा के बारे में यूपी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. हाथरस भगदड़ कांड की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एसआईटी का गठन किया था. जिसने इस मामले में अब तक 90 लोगों के बयान दर्ज किए हैं. यह जानकारी खुद एसआईटी में शामिल आगरा जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ ने शुक्रवार की दी.

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