ट्विटर बनाम सरकार: दंगा एक्ट से लेकर कैपिटल हिल तक का हवाला, जानें क्यों सख्त हुई सरकार

केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन, खालिस्तान समर्थकों से जुड़े कुछ अकाउंट्स बैन करने को ट्विटर को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें से ट्विटर ने कुछ पर एक्शन लेने से इनकार कर दिया. अब बीते दिन हुई बैठक में भारत सरकार ने एक बार फिर ट्विटर पर सख्त रुख अपनाया है.

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ट्विटर पर सरकार का सख्त रवैया (फाइल फोटो) ट्विटर पर सरकार का सख्त रवैया (फाइल फोटो)

राहुल श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 11:03 AM IST
  • ट्विटर और सरकार के बीच तकरार जारी
  • विवादित अकाउंट बैन ना खफा होने से सरकार

भारत सरकार और ट्विटर के बीच की तकरार अब बढ़ती जा रही है. केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन, खालिस्तान समर्थकों से जुड़े कुछ अकाउंट्स बैन करने को ट्विटर को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें से ट्विटर ने कुछ पर एक्शन लेने से इनकार कर दिया. अब बीते दिन हुई बैठक में भारत सरकार ने एक बार फिर ट्विटर पर सख्त रुख अपनाया है.

केंद्र सरकार ने साफ किया कि ट्विटर को जिन 257 संदिग्ध अकाउंट्स की लिस्ट सौंपी गई है, उनपर एक्शन लेना ही होगा. इस दौरान सरकार की ओर से ट्विटर पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और अमेरिका में हुई हिंसा का हवाला दिया. इतना ही नहीं सरकार की ओर से ट्विटर को दंगा एक्ट की जानकारी दी गई और उसके हिसाब से एक्शन लेने को कहा गया. 

सूत्रों की मानें, तो सरकार ने बैठक में अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई हिंसा और भारत में लालकिले पर हुई हिंसा का उदाहरण दिया. सरकार ने संकेत दिए कि ट्विटर ने कैपिटल हिल में हुई हिंसा के बाद कई अकाउंट्स को बंद किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट भी शामिल था.

ऐसे में फिर जब भारत में 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई हिंसा के बाद अकाउंट्स बंद क्यों नहीं किए जा रहे हैं. आईटी मंत्रालय के सेक्रेटरी की ओर से इस मामले में कड़ी आपत्ति जताई गई. सरकार की ओर से कहा गया कि दी गई लिस्ट में से कई अकाउंट्स ने सामान्य स्थिति को बिगाड़ने का काम किया था. 

बैठक में सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि ट्विटर का भारत में बिजनेस करने का स्वागत है, वह अपनी कंपनी के लिए अपने अनुरूप नियम भी बना सकता है. लेकिन भारत की संसद द्वारा पारित कानूनों का पालन करना भी जरूरी है.

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टूलकिट का भी बैठक में हुआ जिक्र
ट्विटर के साथ बैठक में भारत सरकार ने तथाकथित टूलकिट का भी जिक्र किया, आरोप लगाया कि ट्विटर का इस्तेमाल इस तरह से गलत कैंपेन चलाने के लिए किया जा रहा है ताकि भारत का माहौल बिगाड़ा जा सके. ऐसे में ट्विटर को सख्त कार्रवाई करनी ही होगी.

किसान आंदोलन को लेकर अमेरिकी पॉपस्टार रिहाना, एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भी ट्वीट किया था. ग्रेटा ने साथ ही एक टूलकिट ट्वीट की थी, जिससे मालूम चला था कि सेलेब्रिटीज़ को ट्वीट करने का वक्त और कंटेंट पहले से ही तय था.

आपको बता दें कि लंबे विवाद के बाद बीते दिन ट्विटर और भारत सरकार के बीच बैठक हुई. ट्विटर के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी के वाइस प्रेसिडेंट मॉनिक मेक, डिप्टी जनरल काउंसल जिम बेकर ने आईटी मंत्रालय के सचिव के साथ मुलाकात की और तमाम मुद्दों पर मंथन किया. 

भारत सरकार की ओर से उन ट्विटर अकाउंट्स को लेकर आपत्ति जाहिर की गई, जिन्होंने किसान आंदोलन के दौरान विवादित हैशटेग को बढ़ावा दिया था. सरकार ने ट्विटर से इन अकाउंट्स को डिलीट करने को कहा था, लेकिन ट्विटर ने ऐसा नहीं किया इसी वजह से माहौल बिगड़ता दिख रहा है. 

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