तमिलनाडु में इरोड जिले के सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व में एक मादा हाथी के बच्चे की देसी बम निगलने से मौत हो गई है. इस सिलसिले में एक किसान को गिरफ्तार किया गया है. इस बात की जानकारी वन अधिकारियों ने एक न्यूज एजेंसी को दी. वहीं इस घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं.
वन कर्मियों ने कुछ दिन पहले गुथियालथुर रिजर्व फॉरेस्ट में गश्त के दौरान दो साल के हाथी के बच्चे को मृत पाया. जिसके बाद उन्होंने वन पशु चिकित्सक को इसकी सूचना दी. मामले में अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि हाथी की सूंड और मुंह में खून बहने के निशान दिखे थे.
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हाथी के मरने का राज
पशु चिकित्सक ने पोस्टमार्टम किया और बताया कि हाथी की मौत देसी बम खाने से हुई है. वन अधिकारियों को शक है कि यह बम किसी शिकारी या किसान ने खेतों में हाथियों को आने से रोकने के लिए वहां फेंका होगा. जांच के बाद उन्होंने इलाके के एक किसान कलिमुथु (43) को गिरफ्तार कर लिया है.
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हाथी के बच्चे के शव को उसी इलाके में दफना दिया गया. आपको बता दें कि हाथियों के आतंक या फिर खेतों में हाथियों के आने और फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान खेतों के आस-पास बम लगाते हैं. इन बमों पर जैसे ही हाथियों या फिर अन्य जंगली जानवरों का पैर पड़ता तो फट जाते हैं.
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