चुनाव आयोग ने सोमवार को रिमोट वोटिंग सिस्टम का डेमो दिखाया. चुनाव आयोग ने प्रवासी मतदाताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (आरवीएम) प्रोटोटाइप के डेमो के लिए 65 राजनीतिक दलों (8 नेशनल और 57 स्टेट पार्टियों) के प्रतिनिधियों को बुलाया. रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की मदद से अब घर से दूर, किसी दूसरे शहर और राज्य में रहने वाला वोटर विधानसभा/लोकसभा चुनाव में वोट डाल सकेगा. यानी वोटिंग के लिए मतदाता को अपने घर नहीं जाना पड़ेगा.
इससे पहले कांग्रेस ने रविवार को रिमोट वोटिंग मशीन (RVM) पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक की अध्यक्षता दिग्विजय सिंह ने की थी. इस दौरान शामिल हुए जेडीयू, शिवसेना, नेशनल कांफ्रेंस, माकपा, झामुमो, राजद, पीडीपी, वीसीके, आरयूएमएल, राकांपा और सपा समेत 16 दल शामिल हुए थे. इन सभी ने चुनाव आयोग के रिमोट वोटिंग मशीन सिस्टम का विरोध जताया था.
दिग्विजय सिंह ने उठाया सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि विपक्षी खेमा रिमोट ईवीएम को लेकर आशंकित था, और उन चिंताओं को बैठक के दौरान ECI के साथ साझा किया जाएगा. सिंह ने कहा, 'प्रस्ताव में राजनीतिक विसंगतियां हैं. हमने इसका विरोध करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि हम 31 जनवरी की समय सीमा से पहले संयुक्त रूप से या अलग से अपना जवाब भेजने के लिए 25 जनवरी को फिर से मिलेंगे.
दिग्विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि अपरिहार्य कारणों से आज की बैठक में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी उपस्थित नहीं थे, लेकिन उन्होंने बैठक के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की.
सरकार उन आंकड़ों तक कैसे पहुंची
बैठक में शामिल राजद नेता मनोज झा ने आश्चर्य जताया कि सरकार देश में 30 करोड़ प्रवासी कामगारों के आंकड़े तक कैसे पहुंची, जबकि इससे पहले कोविड के दौरान कहा था कि उसके पास प्रवासी मजदूरों का सटीक आंकड़ा नहीं है. इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की.
चुनाव आयोग ने घरेलू प्रवासियों के लिए रिमोट वोटिंग की तैयारी की है, ताकि वे गृह राज्य की यात्रा किए बिना मतदान कर सकें. आयोग ने एक प्रोटोटाइप बहु-निर्वाचन क्षेत्र रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन विकसित की है और प्रोटोटाइप के प्रदर्शन के लिए राजनीतिक दलों को कल आमंत्रित किया है.
ऐश्वर्या पालीवाल