युद्ध के समय 'ब्रह्मास्त्र' बनेगी डिब्रूगढ़ की यह सड़क... जानें क्यों खास है देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी को असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन किया. नेशनल हाइवे पर बनी यह लैंडिंग फैसिलिटी भारतीय वायुसेना के लिए संकट के समय वैकल्पिक रनवे का विकल्प देगी.

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डिब्रूगढ़ इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी भारत की पूर्वी सीमा की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करती है. (Photo: X/@IAF_MCC) डिब्रूगढ़ इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी भारत की पूर्वी सीमा की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करती है. (Photo: X/@IAF_MCC)

शिवानी शर्मा

  • डिब्रूगढ़,
  • 14 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:32 PM IST

भारत के पूर्वोत्तरी हिस्से में रक्षा तैयारियों को मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी को असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन किया. अपर असम में नेशनल हाइवे पर विकसित यह आपात लैंडिंग सुविधा पूर्वोत्तर भारत में सशस्त्र बलों को एक महत्वपूर्ण बैकअप विकल्प प्रदान करती है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट और देश के सबसे संवेदनशील रणनीतिक गलियारों वाले क्षेत्र में स्थित है. 

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डिब्रूगढ़ इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पूरे भारत में एयरफील्ड्स और वैकल्पिक लैंडिंग ग्राउंड्स को अपग्रेड और सक्रिय करने की व्यापक पहल का हिस्सा है. भारतीय वायुसेना (IAF) के सभी एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स को अत्याधुनिक बनाया जा चुका है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी बनाई जा रही हैं ताकि संकट के दौरान पारंपरिक एयरबेस क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में भी विमानों का संचालन बाधित न हो.

यह भी पढ़ें: असम दौरे पर डिब्रूगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, पहली बार नेशनल हाइवे पर हुई PM के विमान की लैंडिंग

इस लैंडिंग फैसिलिटी की सामरिक अहमियत इसकी भौगोलिक स्थिति से और बढ़ जाती है. यह भारत–चीन सीमा के करीब स्थित है और पूर्वी सेक्टर में वायु अभियानों को गहराई प्रदान करती है. इस इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी के चालू होने से भारतीय वायुसेना अपने फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और सर्विलांस एयरक्राफ्ट को गैर-पारंपरिक स्थानों से भी ऑपरेट कर सकेगी, जिससे किसी भी संघर्ष की स्थिति में उनकी सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ेगी.

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राफेल और सुखोई-30 MKI जैसे फाइटर एयरक्राफ्ट, C-130J सुपर हरक्यूलिस जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और डोर्नियर एयरक्राफ्ट ने इस हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ किया है. ड्रिल्स में 'टच एंड गो' मैन्यूवर और कॉम्बैट फॉर्मेशन लैंडिंग्स भी शामिल थे, जिसने स्ट्रिप की आपात स्थितियों के लिए तैयारियों की पुष्टि की. एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर्स का उपयोग कैजुअल्टी इवैक्यूएशन ड्रिल्स के लिए किया गया, जिससे यह पता चलता है कि डिब्रूगढ़ इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी युद्ध और मानवीय मिशनों दोनों में अहम भूमिका निभाएगी.

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