दक्षिण भारत में भी बने सुप्रीम कोर्ट की पीठ, पांच राज्यों के बार काउंसिल की मांग

वेबिनार में पुरानी मांगों के हवाले से चर्चा हुई कि इतने विशाल देश में न्यायपालिका को चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट की कई अपीलीय पीठ स्थापित की जाए. देश के चारों दिशाओं में चार पीठ तो कम से कम जरूर स्थापित किए जाने चाहिए.

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सुप्रीम कोर्ट (फोटो- पीटीआई) सुप्रीम कोर्ट (फोटो- पीटीआई)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST
  • सुप्रीम कोर्ट का भी बने पीठ
  • दक्षिण के राज्यों की मांग
  • दिल्ली में अहम मामलों की हो सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के विकेंद्रीकरण की मांग एक बार फिर उठी है. अबकी बार दक्षिण भारत के पांच राज्यों की बार काउंसिल ने एक वेबिनार में ये मांग उठाई है. इस मांग को आगे बढ़ाने के लिए एक कमेटी बना दी गई है. कमेटी का अध्यक्ष तेलंगाना बार काउंसिल के प्रमुख सीनियर एडवोकेट ए नरसिम्हा रेड्डी को बनाया गया है. 

रविवार को हुए इस वेबिनार में तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल बार काउंसिल के प्रमुख शामिल हुए तेलंगाना बार काउंसिल की ओर से आयोजित इस वेबिनार में सर्वसम्मति से तय किया गया कि दक्षिण भारत में सुप्रीम कोर्ट की पीठ अनिवार्य आवश्यकता है. बता दें कि वर्षों से समय समय पर सुप्रीम कोर्ट के पीठ की मांग की जाती रही है. 

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पहली बार दक्षिणी राज्यों की बार काउंसिल के प्रमुखों ने एक स्वर से ये मांग उठाई है. वैसे तो अलग अलग बार एसोसिएशन समय समय पर ऐसी मांगें और प्रस्ताव पारित करते ही रहे हैं. 

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वेबिनार में पुरानी मांगों के हवाले से चर्चा हुई कि इतने विशाल देश में न्यायपालिका को चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट की कई अपीलीय पीठ स्थापित की जाए.  देश के चारों दिशाओं में चार पीठ तो कम से कम जरूर स्थापित किए जाने चाहिए. दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ सिर्फ संविधान से जुड़े मामलों या फिर राष्ट्रीय महत्व की पीआईएल या अन्य अहम याचिकाओं पर ही सुनवाई करे. बाकी अपीलीय मामले सुप्रीम कोर्ट की क्षेत्रीय पीठ ही सुन कर निस्तारित कर दे. 

इन पांच राज्यों की बार काउंसिल की साझा टीम शीघ्र ही इस बाबत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी और विधि और न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद से भी मुलाकात कर ज्ञापन देगी. 

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