जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब कैसे हुई लीक? दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस ने पूर्व थलसेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक ‘Four Stars of Destiny’ की कथित प्री-प्रिंट कॉपी सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होने के मामले में एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.

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पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे. (File Photo: PTI) पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे. (File Photo: PTI)

श्रेया चटर्जी

  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:16 PM IST

दिल्ली पुलिस ने पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसार को लेकर एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन न्यूज फोरम्स पर ऐसी जानकारियां सामने आई थीं, जिनमें दावा किया गया कि ‘Four Stars of Destiny’ नामक किताब की प्री-प्रिंट कॉपियां बिना अनिवार्य मंजूरी के सर्कुलेट की जा रही हैं.

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पुलिस के अनुसार, यह भी बताया गया कि इस किताब के प्रकाशन के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकरणों से अब तक आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं हुई है. बयान में कहा गया है कि सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि इसी शीर्षक वाली एक टाइपसेट किताब की पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध है, जिसे कथित तौर पर 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा तैयार किया गया बताया जा रहा है. इसके अलावा, कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर किताब का फाइनल कवर भी इस तरह प्रदर्शित किया गया है, मानो वह बिक्री के लिए उपलब्ध हो.

यह भी पढ़ें: जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब राहुल गांधी तक कैसे पहुंची? संसद में नजर आने के बाद उठे सवाल

दिल्ली पुलिस ने कहा कि अभी तक स्वीकृत न हुई इस पुस्तक से जुड़े संभावित लीक या नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए स्पेशल सेल में मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जनरल नरवणे की इस अप्रकाशित किताब से जुड़ी यह सामग्री कैसे और किन माध्यमों से सार्वजनिक हुई. यह मामला राजनीतिक रूप भी ले चुका है. पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद परिसर में इस किताब की कथित प्रति दिखाते हुए देखा गया था. इसके बाद विवाद बढ़ गया और लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई.

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इस मुद्दे पर हंगामे के चलते बजट सत्र के शेष हिस्से के लिए आठ सांसदों को निलंबित भी कर दिया गया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देने नहीं आए, क्योंकि वह पूर्व थलसेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब से जुड़े मुद्दे से डर रहे थे. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस विषय पर उठ रहे सवालों से बचने के लिए प्रधानमंत्री ने सदन में मौजूद रहना उचित नहीं समझा.

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