नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी परिषद (दिल्ली कैंट) के इलाके में जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत बुधवार यानी एक अप्रैल 2026 से में हो गई है. इन क्षेत्रों के रहने वाले लोग आधिकारिक पोर्टल या CMMS ऐप पर लॉग इन कर स्वयं ये प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. वहीं, दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्र में ये प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होगी.
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी परिषद के इलाकों में बुधवार से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत कर दी है. इस बार डेटा सीधे मोबाइल ऐप (CMMS ऐप) के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक होगी. हालांकि, फील्ड वेरिफिकेशन भी 16 अप्रैल से शुरू हो जाएगा.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए निवासियों को आधिकारिक पोर्टल www.se.census.gov.in पर जाना होगा. वहां मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद एक ओटीपी प्राप्त होगा, जिसके जरिए लॉगिन किया जा सकेगा. प्रक्रिया के दौरान कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे, जिसमें परिवार के मुखिया का विवरण, मकान की लोकेशन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है. फॉर्म भरने के बाद एक 16 डिजिट का यूनिक नंबर जनरेट होगा. जब 16 अप्रैल से जनगणना कर्मी घर आएंगे तो उन्हें बस ये नंबर दिखाना होगा और डेटा तुरंत वेरीफाई हो जाएगा.
इस बार की जनगणना कई मायनों में आधुनिक और समावेशी बनाई गई है. पहली बार, लंबे वक्त से एक साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे कपल्स को भी जनगणना डेटा में 'शादीशुदा' का दर्जा हासिल करने का विकल्प दिया गया है. ये बदलाव समाज के बदलते स्वरूप को स्वीकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
इसके अलावा जो लोग ऑनलाइन जानकारी अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें 16 अप्रैल के बाद फील्ड वर्कर की मदद से मैन्युअल रूप से फॉर्म भरना होगा, जिसमें अधिक समय लग सकता है.
जनगणना 2027 में मोबाइल ऐप (CMMS) का इस्तेमाल डेटा को सीधे सर्वर पर अपलोड करने के लिए किया जा रहा है. इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और त्रुटियों की संभावना भी न्यूनतम रहेगी. एनडीएमसी और कैंट इलाके के लोगों के लिए आज से ये पोर्टल लाइव हो गया है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान उनका और कर्मचारियों का समय बच सके. ये पूरी कवायद दिल्ली की सटीक जनसंख्या और संसाधनों के वितरण की योजना बनाने में सहायक होगी.
संजय शर्मा